16 अरब के घोटाले में बिजली विभाग के अफसरों पर मुकदमा
झांसी। वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में इलेक्ट्रॉनिक मीटर, बॉक्स व अन्य उपकरण लगाने में प्रदेश के बारह जिलों हुए 16 अरब के घोटाले की जांच के बाद सतर्कता विभाग ने बिजली विभाग के आठ अफसरों समेत एक कंपनी पर नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वर्तमान में सभी अधिकारी अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। सतर्कता विभाग द्वारा कराई गई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठापन के निरीक्षक अजीत कुमार ने नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया है कि तत्कालीन सहायक अभियंता उपखंड अधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा (वर्तमान तैनाती एसडीओ आगरा), अवर अभियंता हरीश कुमार (वर्तमान तैनाती एसडीओ कासगंज), अवर अभियंता जंग सिंह (वर्तमान तैनाती एसडीओ अलीगढ़), सहायक अभियंता अनुभव कुमार (वर्तमान तैनाती अधिशासी अभियंता झांसी, सीपरी बाजार), अवर अभियंता भगवंत सिंह (वर्तमान तैनाती एसडीओ उरई), अवर अभियंता शशिवेंद्र (वर्तमान तैनाती एसडीओ कानपुर), अधिशासी अभियंता लोकेेश कुमार (वर्तमान तैनाती अधिशासी अभियंता आगरा), अवर अभियंता योगेंद्र सिंह ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना वर्ष 2005-06 में मानक के अनुरूप कार्य न करते हुए मेसर्स आईवीआरसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट लिमिटेड हैदराबाद के साथ दरीय संधि कर राजकीय कार्यों मेें वित्तीय अनियमितता कर सरकारी कोष का गबन कर लिया। नवाबाद पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 409, 120 (बी), 130 (1) सी, 13 (1) डी, 13 (2) में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।