विकास की परियोजनाओं संबंधी विधायकों के कई प्रस्ताव फाइलों में ही फंसकर रह गए हैं। जबकि, कई परियोजनाओं पर काम की रफ्तार मंद पड़ी हुई है। इससे क्षेत्र का विकास थम गया है। अगले साल चुनाव हैं और विधायकों को एक बार फिर जनता के बीच जाना है। ऐसे में विकास कार्य पूरे न होने की वजह से जनप्रतिनिधि चिंता में हैं।
विकास के तमाम वादों के साथ 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले विधायकों को अगले साल होने वाले चुनाव की चिंता सताने लगी है। खासतौर पर उन्हें अनुकूल माहौल होने के बाद भी विकास की विकास की परियोजनाएं पूरी न होने की चिंता है। जी हां, जिले के विधायकों के तमाम प्रस्ताव फाइलों में ही फंसे हैं। जन सहूलियतों के विकास की खातिर जनता इनके पूरा होने का इंतजार कर रही है। इनमें पेयजल से लेकर सिंचाई की परियोजनाएं तक शामिल हैं।
इसके अलावा सड़क, नाली - नाला निर्माण के भी दर्जनों प्रस्ताव है। विधायकों का कहना है कि कोरोना काल में लॉकडाउन लागू होने और सरकारी मशीनरी के महामारी के नियंत्रण में फंसे होने की वजह से काम पूर नहीं हो पाए हैं। हालांकि, 2021 को लेकर वे आशान्वित हैं। उनका कहना है कि इस साल सभी लंबित परियोजनाओं पर काम पूरा कर लिया जाएगा।
सड़क, पानी की परियोजनाएं सर्वाधिक प्रभावित
सबसे ज्यादा परियोजनाएं सड़क और पानी की फंसी हुईं हैं। गरौठा-गुरसराय पेयजल योजना बाधित बनी हुई है। जबकि, ये परियोजना एक बड़े क्षेत्र को लाभान्वित करने वाली है। मोंठ-समथर-पंडोखर इंटरस्टेट सड़क परियोजना को साल 2020 के शुरुआत में शुरू होना था, लेकिन अब हुआ है कार्य आरंभ। बबीना में पेयजल परियोजना परवान नहीं चढ़ सकी। बड़ागांव - टहरौली को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर बनने वाले पुल की स्वीकृति अटक गई। करगुंवा जैन मंदिर के पीछे से सनसिटी तक और बालाजी रोड से शिव दुर्गा नगर तक नहीं बन पाई सड़क और नाली।
ईसाईटोला से प्रेमनगर मुक्तिधाम तक के मार्ग को भी नई सड़क का इंतजार है। प्रेमनगर के स्वास्थ्य केंद्र का नहीं हो पाया उच्चीकरण। 50 मीटर के तरणताल की परियोजना को भी लगा ग्रहण, शुरुआत तक नहीं हो सकी। उन्नाव गेट बाहर मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह ग्रह का काम अटका है, जबकि कोरोना काल में ये विशेष उपयोगी साबित होता। मोंठ से भांडेर की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण भी फंसा है।
कोरोना काल में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। लेकिन, अब स्थितियां सामान्य होने लगी हैं। 2021 में पिछले साल के लंबित पड़े विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे और नए कामों की भी शुरुआत होगी।
- रवि शर्मा, विधायक सदर
लॉकडाउन लागू होने की वजह से क्षेत्र की कई सड़क और पानी की परियोजनाएं बंद हो गईं थीं। महीनों बाद दुबारा काम शुरू हुए, लेकिन रफ्तार धीमी रही। हालांकि, इस साल तेजी से काम होंगे।
- जवाहर लाल राजपूत, विधायक गरौठा
कोरोना से पूरी दुनिया के विकास को गहरा धक्का लगा है। पूरी मशीनरी संक्रमण के नियंत्रण में जुटी रही, जिससे विकास की कई परियोजनाएं प्रभावित बनी रहीं। लेकिन, अब इस साल सभी काम करा लिए जाएंगे।
- राजीव सिंह, विधायक बबीना