अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्र में फिल्मी अंदाज में हुए युवक के अपहरण का पुलिस ने 27 घंटे के बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 15 हजार के इनामी चिरगांव के बाबरी निवासी अरुण यादव और बड़ागांव के बिरगुवा निवासी हर्ष यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो बाल अपचारी भी शामिल हैं। आरोपियों की कार से अपहृत युवक यश पाठक को सकुशल बरामद कर लिया गया।
नवाबाद के बनिया पुल के पास रहने वाले यश पाठक पुत्र मनोज का शनिवार रात करीब 10:35 बजे उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। थार सवार बदमाश उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए थे। यश के दोस्त अभय कुशवाहा की तहरीर पर पुलिस ने चिरगांव निवासी अरुण यादव के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।
सोमवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि कार सवार बदमाश पैरामेडिकल रोड स्थित कृष्णा रेजिडेंसी के पास मौजूद हैं। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग कर दी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
कार की तलाशी लेने पर अपहृत यश पाठक को बरामद कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यश के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई थी, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस को अब आशंका है कि सट्टेबाजी में रकम हारने के कारण युवक को अगवा किया गया हो सकता है। इस पहलू पर भी जांच की जा रही है।
पुलिस की कहानी में कई सवाल
27 घंटे बाद भी साफ नहीं हो सकी अपहरण की वजह
अपहरण की इस घटना में 27 घंटे बाद भी पुलिस साफ तौर पर वजह नहीं बता सकी है। शुरुआत में पुलिस पैसों के लेनदेन के विवाद को कारण बता रही थी, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह बात भी साबित नहीं हो सकी।
अपहरणकर्ताओं द्वारा दो लाख रुपये फिरौती मांगने की बात सामने आई, लेकिन यह फिरौती किससे मांगी गई, इसकी जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। यश के दोस्त अभय कुशवाहा ने पुलिस को दी गई तहरीर में फिरौती का कोई जिक्र नहीं किया था।
इसके अलावा अभय ने कार में सवार एक युवक को पहचानने की बात कही, जो कई सवाल खड़े करती है। वहीं मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद उस पर इनाम घोषित कर दिया गया, जबकि सामान्यतः 24 घंटे बाद गिरफ्तारी न होने पर ही इनाम घोषित किया जाता है। घटना में शामिल दो बाल अपचारियों की भूमिका भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।