झांसी। सरकारी महकमों में हर वो दफ्तर जहां से आम लोगों का सीधा वास्ता पड़ता है, वह घूस के दलदल में धंसा है। एंटी करप्शन, विजिलेंस एवं सीबीआई की कार्रवाई इस बात की पुष्टि करते हैं। पिछले डेढ़ साल के दौरान रिश्वत लेते हुए नगर निगम, पुलिस, बिजली, शिक्षा, राजस्व से लेकर सीजीएसटी विभाग के अफसरों एवं कर्मचारी तक पकड़े गए।
एंटी करप्शन एवं विजिलेंस के पास सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग, पुलिस एवं बिजली विभाग की हैं। दाखिल-खाारिज, पैमाइश, रिपोर्ट लगाने, सत्यापन, मुकदमों की विवेचना, जीपीएफ भुगतान, बिजली कनेक्शन समेत कई सरकारी सेवाओं के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायतें सबसे अधिक आती हैं। अभी तक एंटी करप्शन की कार्रवाई में सबसे अधिक इन्हीं विभागों के कर्मचारी शिकार हुए हैं वहीं, इस साल की शुरूआत में सीजीएसटी के तीन वरिष्ठ अफसरों को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते सीबीआई भी पकड़ चुकी। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शादाब खान का कहना है कि जिस कर्मचारी के घूस लेने की शिकायत मिलती है, उसकी पहले आम शोहरत की गोपनीय जांच होती है। इसमें पुष्टि के बाद ट्रैप टीम बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए कोई भी मोबाइल नंबर 9454401650 पर शिकायत कर सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहती है।
इनसेट
घूसखोरी के आरोप में पकड़े गए सरकारी कर्मचारी
- ललितपुर में सींचपाल मुश्ताक अहमद
- लोक निर्माण विभाग के उरई डिवीजन में कैशियर संजीव कुमार साहनी
- ललितपुर विद्युत विभाग के लाइनमैन सोबरन एवं जेई धर्मेंद्र कुमार
जालौन नलकूप विभाग का कनिष्ठ सहायक अमन वर्मा
ललितपुर में लेखपाल राजेंद्र रजक
ललितपुर के पेशकार अशोक कुमार सिंह
ललितपुर का ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर सिंह
पुलिस विभाग के एएसआई विद्या सागर कुशवाहा को आय से अधिक संपत्ति मामले में
ललितपुर में तैनात वन दरोगा राजकुमार तिवारी
मऊरानीपुर में दरोगा विनीत कुमार
बुंदेलखंड इंटर कॉलेज (जालौन) में तैनात सहायक लिपिक राकेश चंद्र शर्मा
उरई के सहायक विकास अधिकारी रमेश कुमार उदैनिया
झांसी मंडी का संभागीय उपनिदेशक शिव कुमार राघव
उरई में कनिष्ठ लिपिक शीलू
सिपाही राजकिशोर भदौरिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में
ललितपुर निवासी बर्खास्त सिपाही सुंदरलाल आय से अधिक संपत्ति मामले में
मंडलायुक्त कार्यालय में तैनात नाजिर दीपक मिश्र पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप में
लोक निर्माण विभाग के खंड तीन में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक संतोष निरंजन
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पहले भी कर चुके खाकी को दागदार
एंटी करप्शन टीम ने पिछले साल जुलाई महीने में ही मऊरानीपुर में तैनात दरोगा विनीत कुमार को मैलोनी गांव से जुड़े एक मामले में धाराएं बढ़ाने के एवज में 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। गरौठा थाने में तैनात दरोगा बृजेश कुमार भी धोखाधड़ी के मामले में धाराएं हल्की करने की एवज 2023 में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
पुलिस चौकी से पैदल लेकर गई टीम
एंटी करप्शन टीम के चंगुल में आते ही दरोगा ओमकार सकपका उठा। उसे जरा सा आभास नहीं था कि वह घूस लेते इस तरह से पकड़ा जाएगा।एंटी करप्शन टीम ने भनक न लगने देने के लिए गाड़ी काफी दूर खड़ी की हुई थी। एंटी करप्शन टीम पुलिस चौकी से लेकर उसे पैदल ही बाहर निकली। तब तक वहां आसपास के लोग जमा हो गए थे। दरोगा को पैदल लेकर ही वहां तक गए। इस दौरान तमाशबीन भी जमा रहे।