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खौफ में पीड़ित परिवार ने घर छोड़ा, दोबारा हमले का सता रहा है डर

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झांसी। हैंडपंप से पानी भरने पर दबंगों के हमले का शिकार परिवार खौफ में है। हालात ये हैं कि घटना के बाद से पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य अपने घर नहीं जा रहा है। पीड़ितों ने पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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ग्राम सैंयर के पथराया मुहल्ले में रहने वाला अनुसूचित जाति का उदय सिंह पत्थर की घिसाई का काम करता है। उसके दो भाई और पिता भी मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। 26 अक्तूबर को हैंडपंप से पानी भरने पर मुहल्ले के ही दबंगों ने घर में घुसकर हमला कर दिया। घटना में उदय के पिता, मां और भाई घायल हो गए, जिनका जिला चिकित्सालय में इलाज जारी है। उदय ने बताया कि घटना के बाद से उसके परिवार का कोई सदस्य घर नहीं गया है। डर है कि कहीं विपक्षी दोबारा से हमला न बोल दें।
परिवार के सदस्य गांव में बने दूसरे मकान में शरण लिए हुए हैं। उदय ने बताया कि मुहल्ले में पानी का साधन एकमात्र हैंडपंप ही है। दबंग लगातार पानी भरने से रोकते आ रहे थे। आए दिन बेइज्जत करते थे। लेकिन, सोमवार को गुस्साए दबंगों ने हमला बोल दिया। घटना में शामिल नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन अब तक पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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आरोप गलत, फंसाया गया
झांसी। आरोपी मोनू यादव का कहना है कि विपक्षियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्हें व उनके परिवार के लोगों को गलत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि विपक्षियों का गांव के एक अन्य अनुसूचित जाति के परिवार से विवाद चल रहा था। दोनों परिवार उनके घर के बाहर विवाद कर रहे थे। इसका विरोध किया तो झगड़ा करने वाले लोग आपसी विवाद को छोड़कर उनके परिवार के लोगों से उलझ गए। मोनू ने बताया कि विपक्षियों ने उसकी मां पर हमला बोला। चाचा के सिर पर भी वार किया, जिससे सिर फट गया। उन्होंने बताया कि पुलिस को तहरीर दी गई है, लेकिन पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए उनके परिवार के लोगों पर एफआईआर दर्ज कर दी। एससी /एसटी एक्ट दुरुपयोग किया गया है। घटना की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
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