झांसी। दिवाली के मौके पर शहर में सात जगहों पर आतिशबाजी बाजार को सजाया गया है। हर बार की तरह इस बार भी देशी पटाखों की धूम मची हुई है। जमीन पर चलने वाले पटाखों के अलावा आसमान में फूटने वाले राकेट लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस साल कीमतों में बीस से तीस फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है।
शहर के मुक्ताकाशी मंच के पास स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड, सीपरी बाजार स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज के सामने, प्रेमनगर स्थित सेंट ज्यूड्स स्कूल के मैदान में, सदर बाजार स्थित झांसी क्लब के खुले मैदान में, हंसारी स्थित सारंध्रा नगर में हनुमान मंदिर के पास, राजगढ़ में हनुमान मंदिर के पास खाली स्थान में व बिजौली क्षेत्र के ग्राम सैंयर चौराहे के पास अस्थायी पटाखों की दुकानों को सजाया गया है। चीन के पटाखों पर प्रतिबंध होने के कारण शहर के अस्थाई पटाखा बाजारों में देसी पटाखों की काफी धूम मची हुई है। इस बार जमीन से लेकर आसमान तक चलने वाले सभी पटाखे स्वदेशी ही हैं। वहीं दुकानदार भी देसी पटाखों को बेचने को तरजीह दे रहे हैं। पटाखा बाजारों में छोटा अनार, बड़ा अनार, चर्खी, छोटे व बडे़ राकेट, सादा फुलझड़ी, रंग-बिरगी फुलझड़ी, मेहताब के साथ ही देशी बमों की काफी मांग बढ़ी हुई है। पटाखा बाजार स्थित दुकानदारों के अनुसार इस बार बाजारों में देसी पटाखों की कई किस्में मौजूद हैं। जो लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। उन्होंने बताया कोरोना संक्रमण के चलते बाजारों में कम ही भीड़ खरीदारी करने के लिए आ रही है। दीपावली के दिन ही अधिक दुकानदारी की उम्मीद है।