मौसम में बदलाव की वजह से बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। लेकिन, जिला अस्पताल में पिछले दस दिनों से बुखार और खांसी की दवा नहीं है। मांग के बावजूद अनुबंधित कंपनी दवाओं की सप्लाई नहीं कर रही है। इससे मजबूरी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, दांत में दर्द समेत अन्य मर्जों में डॉक्टर मरीजों को पेरासिटामोल की खुराक ही लिखते हैं। इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव होने की वजह से बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि के मरीजों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी भी हुई है। ऐसे में पेरासिटामोल का स्टॉक में होना जरूरी है मगर पिछले दस दिनों से अस्पताल में ये दवा खत्म हो गई है। मजबूरी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। शनिवार को अस्पताल आए कुछ मरीजों ने दर्द, ब्लड प्रेशर, पेशाब में जलन के लिए जरूरी अल्कासोल आदि दवा भी नहीं मिलने की बात कही है। मरीजों ने बताया है कि खांसी के सिरप के साथ-साथ मधुमेह में इंसुलिन का इंजेक्शन भी नहीं मिल रहा है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता का कहना है कि पेरासिटामोल के लिए अनुबंधित कंपनी से दवा भेजने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कंपनी ने सप्लाई नहीं की है। हालांकि, पेरासिटामोल खत्म होने से घबराने वाली कोई बात नहीं है। इसकी जगह एसीक्लोफेनेक टैबलेट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दर्द, खांसी, इंसुलिन का इंजेक्शन आदि भी है। यदि किसी मरीज को दवा काउंटर पर दवाएं नहीं दी जा रही हैं, तो सीधे उनसे आकर मिले।
मरीज बोले
नहीं है खांसी की सिरप
जिला अस्पताल में दर्द भी दवाइयां और खांसी का सिरप नहीं मिली है। बुखार के लिए पैरासीटामोल भी खत्म हो गई है। इससे बहुत परेशान होना पड़ रहा है। - कल्पना निवासी, हंसारी।
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इंजेक्शन, दवा नहीं मिली
लंबी लाइन होने से आधे घंटे बाद तो दवा काउंटर पर नंबर आया। उसके बावजूद इंसूलिन का इंजेक्शन, बीपी व घबराहट की दवा नहीं मिल पाई। - राधेश्याम गुप्ता, निवासी सिविल लाइन।