रेल प्रशासन द्वारा जल्द ही स्टेशनों, कारखानों और लोकोशेड में एलईडी लाइट लगाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे का एनर्जी एफिसिएंशी कंपनी से समझौता हुआ है। एलईडी लाइट लगने से उत्तर मध्य रेलवे में प्रति वर्ष पौने तीन करोड़ रुपये की बिजली की बचत का अनुमान लगाया जा रहा है।
वर्तमान में रेलवे द्वारा सीएफएल लाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन, अब रेलवे बिजली पर आने वाले खर्च को कम करने के लिए एलईडी लाइट लगाने जा रहा है। इसकी शुरुआत जोन के इलाहाबाद, झांसी, आगरा, ग्वालियर समेत ए वन श्रेणी के छह और ए श्रेणी के 14 स्टेशनों से होगी। इस व्यवस्था के तहत रेलवे पंखे और एसी भी बदलेगा। पुराने की जगह कम ऊर्जा की खपत वाले विद्युत उपकरण लगाए जाएंगे।
रेलवे का अनुमान है कि इस परियोजना में हर साल 4.13 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिसका मूल्य 2.77 करोड़ रुपये होता है। इसके अलावा हर साल 2973 टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इसका लाभ वातावरण को मिलेगा।