झांसी। खाद की दुकानों में भारी गड़बड़ी पकड़ में आई है। करीब एक दर्जन दुकानदारों ने किसानों को दी जाने वाली खाद की सैकड़ों बोरियां कालाबाजारी करने वालों के हवाले कर दीं। जांच-पड़ताल के दौरान इसका खुलासा हुआ। यह दुकानदार अपनी बेची खाद का कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा सके। गड़बड़ी मिलने पर इन सभी दुकानदारों के लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिए गए। एक दुकानदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
सरकार को पूरे प्रदेश में खाद बिक्री में गड़बड़ी की काफी शिकायतें मिली थीं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। 17 अगस्त को जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी केके सिंह की अगुवाई में चार अधिकारियों की टीम गठित करके जांच का जिम्मा सौंपा। जांच टीम ने पिछली रबी सीजन का जब रिकॉर्ड देखा तब उनके होश उड़ गए। कई दुकानदार ऐसे मिले जिन्होंने बिना किसानों के आधार नंबर एवं जोतबही देखे ही उनको खाद बेंच दी थी। पड़ताल में कई दुकानदारों की कालाबाजारियों से मिलीभगत उजागर हुई है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक जांच में बृजेंद्र पटेल एग्री जंक्शन मऊरानीपुर, एग्री जंक्शन बड़ागांव, बालाजी किसान केंद्र चिरगांव, गुप्ता एजेंसी, साहू एजेंसी मऊरानीपुर, मलईया खाद
भंडार, शालू खाद भंडार पूछ, आईएफडीसी चिरगांव, गुप्ता कृषि केंद्र चिरगांव, साईनाथ टेड्रर्स झांसी, राइम खाद भंडार समथर, शक्ति बीज भंडार में गड़बड़ी पकड़ में आई है। इन सभी के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। कृषि अधिकारी के मुताबिक शालू खाद भंडार में कई गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं, इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। टीम ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। उधर, एक दर्जन खाद दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित होने के बाद खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है हालांकि कृषि अधिकारी का कहना है कि इससे खाद की उपलब्धता पर असर नहीं होगा। यहां खरीफ की फसल के लिहाज से अतिरिक्त खाद मौजूद है।