अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। छुट्टा पशुओं की आवाजाही वाहनों के लिए रास्ते का रोढ़ा न बने, इसके लिए झांसी-खजुराहो हाईवे पर दोनों और फेंसिंग की जा रही है। इससे सड़क का यातायात और भी सुरक्षित होगा।
झांसी से खजुराहो (मप्र) तक जाने वाले 186 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण 2020 में पूरा हुआ था। इसका 76.6 किमी हिस्सा झांसी जनपद में आता है और बाकी मध्य प्रदेश में। हाईवे के दोनों ओर गांव सटे हुए हैं, जिससे हाईवे पर पैदल लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा, हाईवे पर पशुओं के झुंड भी देखने को मिल जाते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से हाईवे के दोनों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग की जा रही है। बंगरा से मऊरानीपुर तक यह काम पूरा कर लिया गया है। बाकी हिस्से में भी काम तेजी से जारी है।
हरा-भरा भी होगा हाईवे
झांसी-खजुराहो हाईवे के निर्माण के लिए 4996 पेड़ काटे गए थे। हालांकि, तब इनके स्थान पर दोगुनी संख्या में पेड़ लगाने का दावा किया गया था लेकिन हाईवे के दोनों ओर इक्का-दुक्का पेड़ ही नजर आते हैं। फेंसिंग का काम पूरा होने के बाद एनएचएआई की हाईवे के दोनों और वृहद स्तर पर पौधरोपण की भी तैयारी है। फेंसिंग से पेड़ सुरक्षित भी रहेंगे।
वर्जन
हाईवे के दोनों ओर तार फेंसिंग की जा रही है। इससे हाईवे पर पशुओं की आवाजाही पर अंकुश लगेगा, जिससे वाहनों की सुरक्षा बढ़ेगी। फेंसिंग होने के बाद सड़क के दोनों ओर वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। - देवेंद्र चपकर, परियोजना निदेशक