झांसी। महानगर में पिछले करीब एक माह से अवैध निर्माण पर चल रहे बुलडोजर ने उन लोगों को बेचैन कर दिया है जिनके मकान और दुकान के नक्शे ही पास नहीं हुए हैं। वह लोग नक्शा पास कराने को प्राधिकरण के चक्कर काटने लगे हैं। किसी को मकान का नक्शा पास कराना है तो किसी को दुकान का। वहीं प्राधिकरण की भी आमदनी बढ़ गई है। अप्रैल और मई माह की अगर बात की जाए तो सवा पांच करोड़ की आय प्राधिकरण को मानचित्र पास करने से हुई है।
आमतौर पर पहले महीने भर में पांच से दस ही नक्शे पास होते थे। वह भी तब जब प्राधिकरण की टीम सख्ती करती थी। लेकिन इस बार बुलडोजर का ऐसा खौफ देखने को मिल रहा है कि लोग नक्शा पास कराने के लिए खुद ही दौड़ रहे हैं। अप्रैल और मई माह में ही 250 से ज्यादा लोगों ने मानचित्र पास कराने के लिए आवेदन कर दिया है। वहीं प्राधिकरण के दफ्तर पर भी हर रोज भीड़ लग रही है।
जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि मानचित्र स्वीकृत करने के लिए लोग काफी जागरूक हुए हैं। दो माह के भीतर 250 से भी अधिक ने मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किए हैं। इससे जेडीए की आय भी काफी बढ़ गई है।
दस साल पहले बनाया मकान...अब करा रहे नक्शा पास
झांसी। महानगर में एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्होंने अपने मकान और दुकान का नक्शा ही पास नहीं कराया था। प्राधिकरण में पहुंचे कुछ लोगों से जब बात की गई तो इनमें से कई का कहना था कि उन्होंने मकान दस साल पहले बना लिया था लेकिन नक्शा पास नहीं करा सके थे। अब क्योंकि तेजी से कार्रवाई हो रही है लिहाजा डर है कि कहीं उनके मकान पर ही बुलडोजर न चल जाए। अफसरों से यह लोग गुहार लगा रहे हैं कि जो भी कंपाउंडिंग है वह जमा करा लें और उनके मकान का नक्शा पास करा दें। व्यापारी भी अपनी दुकानों का नक्शा पास कराने के लिए दौड़ भाग कर रहे हैं।
दस से ज्यादा मकान ध्वस्त, 200 को नोटिस
झांसी। अब प्राधिकरण ने भी सख्ती शुरू कर दी है। बगैर नक्शे के बनाए गए 10 से भी ज्यादा मकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। जबकि दो कालोनियों पर भी बुलडोजर चल गया है। हर रोज कार्रवाई हो रही है। इससे भी लोगों में घबराहट फैल रही है।