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गांव में हर तरफ रही दहशत व तनाव, तैनात रहा फोर्स

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झांसी। थाना बबीना के मुराई गांव में दोनों भाईयों की मौत की दहशत लोगोें में दिखी। लोगों का गुस्सा देखकर पुलिस भी सतर्क रही। गांव में कई थानों की फोर्स के साथ-साथ पीएसी ने भी मोर्चा संभाल रखा था। घटना के बाद से ही गांव में तनाव रहा। पुलिस भी लोगाें को समझाती नजर आई।
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सोमवार सुबह गांव में नीरज व विवेक की मौत से के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा रहा। आसपास के गांव के लोग भी मृतकों के घर पहुंच गए। सभी परिजनों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन परिवार के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। बार-बार मां व पिता अपने बच्चों को याद कर बिखलते नजर आए। घर के बाहर गांव वालों की भीड़ लगी रही। कोई उनके अच्छे स्वभाव की तो कोई अच्छी बातों को सोचकर याद कर रहे थे। चार भाइयों में नीरज सबसे बड़ा था, जबकि विवेक तीसरे नंबर का था। नीरज की शादी मध्य प्रदेश के डामरौन गांव में हुई था। नीरज का छह माह का पुत्र भी है। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी वर्षा बेसुध हो गई। मां गीता का भी यह हाल रहा। पिता तो घर के अंदर आने में भी कांप रहे थे। उनको बाहर लोग समझाते, लेकिन वह हर बार अपने दोनों पुत्रों को याद करते।
पोस्टमार्टम हाउस पर भी महानगर के कई थानों का फोर्स तैनात रहा। चिकित्सकों के पैनल में पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस शव लेकर घर पहुंची। परिजनों से एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, सीओ सिटी संग्राम सिंह, सीओे देहात केवी अशोक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कराया।
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छह माह के मासूम को देखकर रो दिए लोग
खबर सुनकर पूरे घर में कोहराम मचा था। नीरज की पत्नी के साथ छह माह के पुत्र को देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए। सब लोग पुत्र का वास्ता देकर बार-बार वर्षा को चुप कराते।
छह माह पहले आखिरी बार मिलीं थी बहनें
नीरज की पत्नी के पुत्र होने के बाद घर में कार्यक्रम हुआ था। थाना प्रेमनगर के नैनागढ़ में रहने वाली बहन मीना व कुम्हरिया निवासी किरन भी कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। उनको क्या पता था कि उनकी आखिरी बार भाइयों से मुलाकात हो रही है। वह पल याद कर बेसुध हो उठीं।
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