झांसी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने अधोमानक लिपस्टिक से कैंसर का खतरा जताया है। विभाग के अपर आयुक्त (प्रशासन) ने स्थानीय इकाई को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। गणतंत्र दिवस के बाद विभागीय टीमें जांच को बाजार में निकलेंगी।
महिलाओं के सौंदर्य प्रशासन की महत्वपूर्ण सामग्री लिपस्टिक होती है। गृहणी हों या कामकाजी महिलाएं, लिपस्टिक सभी के होठ सजाती है। लेकिन, सुंदरता का यह श्रृंगार भी मुनाफाखोरी की चपेट में है। मानक विहीन घटिया केमिकलों की मिलावट से यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
एफडीए ने अधोमानक लिपस्टिक से स्किन कैंसर का खतरा जताया है। विभाग ने बाजार में उपलब्ध लिपस्टिक के नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
‘विभागीय निर्देशों के अनुक्रम में गणतंत्र दिवस के बाद अभियान चलाया जाएगा। दुकानों से लिपस्टिक के नमूने एकत्र कर जांच कराई जाएगी।’
- अतुल उपाध्याय, औषधि निरीक्षक
एलर्जी का भी है खतरा
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि लिपस्टिक में निकिल और रिसीनोलिक एसिड होता है, इससे एलर्जी हो जाती है। इसके अलावा खुशबू और फ्लेवर्स के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तत्व से होंठ का लाल व काला हो जाना, कट जाना, होंठ से पानी आना समेत कई समस्याएं भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में होंठों की एलर्जी के रोजाना पांच से छह मरीज आते हैं।