समझाइश में जुटे रहे गांव के लोग, बहन राजी नहीं हुई भाई को जमीन वापस करने को
संवाद न्यूज एजेंसी
समथर। जिस पिता ने जिंदगीभर परिवार को एक साथ रखने की कोशिश की, उनकी मौत के बाद भी बेटे-बेटी के बीच जमीन का विवाद खत्म नहीं हुआ। हालात ऐसे बने कि पिता की पार्थिव देह घर में पड़ी रही लेकिन बेटे अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। गांव के लोग दिनभर दोनों पक्षों को समझाते रहे, मगर बहन के जमीन वापस करने को राजी नहीं होने से देर शाम तक बात नहीं बन सकी।
समथर थाना क्षेत्र के चिरगांव खुर्द निवासी ठाकुरदास कुशवाहा की बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे मौत हो गई। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। पिता की मौत के बाद परिवार में मातम था लेकिन कुछ ही देर में वर्षों से चला आ रहा जमीन का विवाद फिर सामने आ गया।
मृतक के बेटे विवेक के अनुसार, उनकी बहन अंगूरी ने पिता की पांच बीघा जमीन में से दो बीघा अपने नाम करा ली थी। इसी जमीन को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद चल रहा था। पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने साफ कह दिया कि जब तक जमीन का हिस्सा वापस नहीं किया जाता, वे पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
दिनभर समझाते रहे गांव के लोग
मामला बिगड़ने के बाद गांव के लोग दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुट गए। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया, ताकि पिता को अंतिम विदाई दी जा सके। मगर बहन जमीन वापस करने के लिए तैयार नहीं हुई। दिनभर चली पंचायत और समझाइश के बावजूद देर शाम तक कोई रास्ता नहीं निकल सका।
पुलिस भी पहुंची मौके पर
विवाद की जानकारी मिलने पर समथर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिवार के लोगों से मामले की जानकारी ली। थाना प्रभारी अतुल कुमार राजपूत ने बताया कि पारिवारिक जमीन के विवाद के चलते शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। गांव के लोग दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।