गेहूं की बंपर खरीद हो रही है, लेकिन किसानों का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है। मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निरीक्षण में हकीकत का पता चला है। उन्होंने जल्द से जल्द किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त सोमवार को गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए बबीना की मानपुर मंडी पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी केंद्र पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की। किसान अमर सिंह का 40 क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा था। उसने बताया कि सरकारी दाम 1,625 रुपये प्रति क्विंटल पर ही गेहूं की खरीद हो रही है। उन्होंने केंद्र प्रभारी से जानकारी की तो पता चला कि अब तक 1,468 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। 22 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। अब किसानों को भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है। इसके बाद उन्होंने क्रय विक्रय सहकारी समिति के केंद्र पर पहुंच कर जानकारी मांगी। केंद्र प्रभारी ने बताया कि गेहूं खरीद का 22 लाख रुपये किसानों के भुगतान के लिए मिला था, जो कर दिया गया है। अभी भी 62 किसानों का भुगतान करना है। इसके बाद वह भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के केंद्र पर पहुंचे, वहां पर बताया गया कि अब तक 1,632 क्विंटल गेहूं की खरीद हो गई है। लेकिन, किसानों को भुगतान के लिए पैसा नहीं है। इसके बाद उन्होंने किसानोें से बात की और खरीद के बारे में पूछा। किसानों ने उनसे किसी तरह की शिकायत नहीं की। दरअसल, भुगतान में देरी होने के बारे में उन्हें बताया गया कि एफसीआई से पैसा मिलने में देरी हो रही है। 15 अप्रैल तक के लिए पैसा जारी हुआ था, जो अब समाप्त हो गया है। इस मौके पर संभागीय खाद्य नियंत्रक हरनाम सिंह, संभागीय खाद्य प्रबंधक सत्येंद्र नाथ पांडेय उपस्थित रहे।
एक घंटे में पैसा किसान के खाते में भेजें
झांसी। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने निर्देश दिए कि गेहूं खरीद से जुड़ी संस्थाएं गांव- गांव भ्रमण कर किसानों को गेहूं क्रय केंद्र पर बेचने के लिए प्रेरित करें। जो गेहूं खरीदा जा रहा है, उसकी डिलवरी सुनिश्चित कराएं। गेहूं की तुलाई में गड़बड़ी न हो व किसी किसान का उत्पीड़न न हो। बैंक एक घंटे में किसान को आरटीजीएस के माध्यम से पैसा उसके खाते में जमा कराएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एजेंसी किसानों के मोबाइल नंबर रखें, ताकि जो किसान गेहूं बेच गया है उससे भी बात की जा सके। यदि खरीद केंद्र के पास स्टोर करने के लिए कोई गोदाम है तो उसे देख लें, उसके लिए तिरपाल की व्यवस्था भी कर लें। उन्होंने एफसीआईके एरिया मैनेजर अखिलेश्वर ओझा को निर्देश दिए कि क्र्रय केंद्र के पास यदि गोदाम उपलब्ध है तो पहले उसमें भंडारण कराएं। उन्होंने कहा कि समय से डिलवरी हो, ताकि खरीद ज्यादा से ज्यादा हो सके। उन्होंने अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह को निर्देश दिए कि ट्रकों के लिए आरटीओ से समन्वय स्थापित करें ताकि जल्द से जल्द गेहूं की उठान हो सके।
इस मौके पर आरएफसी हरनाम सिंह, डीडी मंडी भगवान शरण, आरएमओ एसएन पांडेय, हरिओम कुशवाहा उपस्थित रहे।