झांसी। अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से पिछली रबी की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई थी। बावजूद, अब तक हजारों किसानों को राहत राशि नहीं मिल पाई है। जबकि, इस साल का रबी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले रबी सीजन में गेहूं व दलहनी फसलें पककर तैयार थीं। अच्छी उपज का अंदाजा लगाया जा रहा था। लेकिन, फरवरी माह में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया था, जिसमें लगभग ढाई लाख किसानों की तीन अरब छप्पन करोड़ पचास लाख रुपये की फसल के नुकसान का आकलन किया गया था।
इसके बाद शासन ने कई किस्तों में दो अरब अड़तालीस करोड़ पचासी लाख रुपये की मुआवजा राशि उपलब्ध कराई। लेकिन, अब भी जिले के लगभग चालीस हजार किसान मुआवजा राशि से वंचित हैं। उनकी शासन पर एक अरब सात करोड़ पैंसठ लाख रुपये की राहत राशि बकाया है।
यह स्थिति तब है, जब अगला रबी सीजन प्रारंभ हो गया है। रबी की फसल के बाद किसान खरीफ में सूखे की मार भी झेल चुके हैं। ऐसे में किसानों को नई फसल की बुआई के लिए गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।