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क्रय केंद्रों पर किसान खुद छान रहे अनाज

Mon, 17 Apr 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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wheat purchese centre - फोटो : demo
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क्रय केंद्रों पर किसानों को अपने अनाज की छनाई खुद करनी पड़ रही है। सरकार की ओर से छनाई के लिए दस रुपये प्रति क्विंटल किसानों के खाते में समर्थन मूल्य के साथ जमा कराया जा रहा है। किसान पल्लेदारों को इससे अधिक देना नहीं चाहते, जबकि पल्लेदार 25 रुपये प्रति क्विंटल से कम में काम करने को तैयार नहीं हैं। जिले के क्रय केंद्रों पर अभी तक 12,734 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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जिले में 1.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे जिला में 97 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। गेहूं की बंपर खरीद को देखते हुए 35 और केंद्र खोले गए हैं। शासन ने अबकी बार किसानों को छनाई और पल्लेदारी का पैसा (10 रुपये) समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त दिया जा रहा है। लेकिन, इससे पल्लेदार संकट में आ गए हैं। स्थिति यह है कि किसान दस रुपये से अधिक देने को तैयार नहीं हो रहा है और पल्लेदार 25 रुपये प्रति क्विंटल से कम लेने को तैयार नहीं हैं। 
जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने समस्या को देखते हुए 20 रुपये प्रति क्विंटल छनाई और पल्लेदारी का रेट प्रस्तावित कर शासन को भेजा था, लेकिन अन्य जिलों से इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं आया। ऐसे में बात नहीं बन पाई और दस रुपये प्रति क्विंटल की दर पर शासन ने सहमति दे दी है। समस्या को देखते हुए गेहूं खरीद का काम देख रहे अफसरों ने किसानों को तैयार किया कि जैसे किसानी में मेहनत करते हो, वैसे ही पल्लेदारी करो तो पैसा बच जाएगा और दस रुपये प्रति क्विंटल अलग से मिल जाएगा। यह युक्ति किसानों पर काम कर गई है और किसान अपने गेहूं की उतराई पर स्वयं मेहनत कर रहे हैं।
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किसानों को बरगला रहे कुछ केंद्र प्रभारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि कुछ खरीद केंद्रों से शिकायतें आ रही हैं कि क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से रजिस्ट्रेशन कराने की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। पिछले दिनों खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने स्थिति साफ कर दी थी कि किसान जहां चाहे गेहूं बेच सकता है। उसको सिर्फ बैंक पास बुक, आधार कार्ड और जोतबही अपने साथ लाना अनिवार्य है। किसानों को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है।
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