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बर्बाद किसान के सामने अब बीज का संकट

Sun, 20 Sep 2015 01:08 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। लगातार तीन साल से प्रकृति की मार झेल रहे किसानों पर अब नियमों का हंटर चलने को तैयार है। शासन द्वारा ऑनलाइन रजिस्टर्ड किसानों को ही खाद, बीज व कृषि यंत्र देने का बनाया नियम रबी की फसल में उनके लिए परेशानी का सबब बनेगा। कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे ऑनलाइन पंजीयन की चाल सुस्त है।
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कृषि विभाग ने रबी की फसल के पूर्व जनपद के करीब ढाई लाख किसानों में से 65 हजार किसानों का पंजीयन कराने का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक महज 16 हजार किसानों के ही पंजीयन हो पाए हैं। जिस रफ्तार से पंजीयन हो रहे हैं, उससे अधिकतम पच्चीस हजार पंजीयन होना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। ऐसे में रबी के सीजन में जब किसान गोदाम पर बीज व खाद लेने जाएगा तो उसे नियमों का हवाला देकर बैरंग लौटा दिया जाएगा। किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में जितनी समस्या उनके गैर जागरूक होने की है, उतनी ही समस्या व्यवस्थाओं की है।

अधिकांश किसानों को यह जानकारी ही नहीं है कि खाद-बीज के लिए उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना है। ऐसे किसानों की मदद के लिए कृषि विभाग ने किसान सहायकों को पंजीयन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। किसान सहायक उनकी खतौनी, पासबुक, पहचान पत्र की छायाप्रति लेकर साइबर कैफे ले जाकर रजिस्ट्रेशन कराएंगे। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में फोटोकॉपी मशीन की व्यवस्था नहीं होती है और किसान अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की मूल प्रति उन्हें देने को तैयार नहीं होते हैं, ऐसे में किसान सहायक पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी बीएल मौर्या ने किसानों से अपील की है कि वह अपने दस्तावेजों की छायाप्रति करा लें। किसान सहायकों को छायाप्रति देकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराएं। परेशानी होने पर ब्लाक व जिला कार्यालय पर शिकायत करें।

अधूरी तैयारियों के साथ व्यवस्था
किसानों का नि:शुल्क ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए शासन ने सभी ब्लाकों में एक - एक सेवा प्रदाता भेजने का निर्णय लिया था। यह सेवा प्रदाता बीज गोदामों में बैठ कर किसानों का नि:शुल्क पंजीयन करेंगे। जिले के आठ ब्लाकों के लिए सेवा प्रदाता भार्गव एसोसिएट लखनऊ ने सिर्फ पांच लोगों को ही भेजा है। पांचों लोग बिना कंप्यूटर के यहां आए हैं। यह लोग कृषि विभाग के कंप्यूटर आदि का ही उपयोग कर रहे हैं। संख्या कम होने के कारण इन लोगों को नियमित अलग - अलग ब्लाकों में रोटेट किया जाता है, इस कारण हर ब्लाक में प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है।
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