लघु और सीमांत किसानों का कर्ज सितंबर से माफ होना शुरू होगा। सबसे पहले 16 अगस्त को लखनऊ के किसानों की कर्ज माफी होगी। कर्ज माफी का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री बांटेंगे। योजना का लाभ लेने के लिए किसान अपने बैंक खातों से आधार कार्ड लिंक करा लें।
‘फसली ऋण मोचन योजना’ लागू होने के बाद लघु और सीमांत किसानों का ब्योरा ऑनलाइन किया गया। जिले में 1,01,540 लघु एवं सीमांत किसान हैं। किसानों की जमीन की भूलेख मैपिंग और आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण 24,160 किसानों का ऑनलाइन ब्योरा आधार कार्ड से लिंक किया जा सका है। इसमें से सिर्फ 07 हजार किसान ही ऐसे पाए गए हैं, जिनको पहले चरण में कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। पहले प्रमाणपत्र देने के लिए 15 अगस्त तिथि तय हुई थी, लेकिन सभी किसानों का ऑनलाइन ब्योरा कंपलीट नहीं होने के कारण फसल ऋण बांटने में देरी हो गई।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की सूची सत्यापन के लिए तहसीलाें में पहुंचा दी गई है। सूची से किसानों का नाम, पता, बैंक अकाउंट, जमीन के अभिलेख जांचने का काम चल रहा है। जिन किसानों के आधार कार्ड बैंक खातों से लिंक नहीं हैं, वह किसान संबंधित बैंक में जाकर आधार कार्ड लिंक करा लें। दूसरे चरण में उन्हीं किसानों का कर्ज माफ होगा, जिनके बैंक खाते अभी आधार कार्ड से लिंक हो जाएंगे। शासन ने सूची भेज दी है, जिसमें एक सितंबर के बाद झांसी में किसानों का कर्ज माफी का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। बता दें कि जिन किसानों की खेती दो हेक्टेयर है, वह लघु एवं सीमांत किसानों के दायरे में आते हैं।