संवाद न्यूज एजेंसी
लुहारी। कस्बा लुहारी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ की फसलों पर संकट मंडराने लगा है। अंकुरित हो चुके पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
मानसून की शुरुआती बारिश के बाद किसानों ने उड़द, मूंग और मूंगफली सहित खरीफ की अन्य फसलों की बुवाई पूरी कर ली थी। लेकिन, इसके बाद वर्षा का क्रम थमने से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। किसानों का कहना है कि शुरुआती बारिश के कारण फसलों का अंकुरण तो अच्छा हुआ, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने से मिट्टी सूखने लगी है। खेतों में नमी की कमी के चलते पौधों की बढ़वार रुक गई है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान होने के साथ दोबारा बुवाई की नौबत भी आ सकती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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यदि कुछ और दिनों तक बारिश नहीं हुई तो मूंग और उड़द की फसल को नुकसान होने की पूरी आशंका है। ऐसे में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। - उमेशचंद्र, किसान
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शुरुआत के बाद अब पिछले कई दिनों से बारिश थमी हुई है। लगातार धूप होने की वजह से मिट्टी की नमी कम होती जा रही है। इससे पौधों की बढ़वार रुक गई है। - चेतराम श्रीवास, किसान