संवाद न्यूज एजेंसी
ककरबई। इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है, लेकिन ककरबई में क्रय केंद्र न होने की वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए 15-20 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। पिछले कई सालों से यहां केंद्र केंद्र खोले जाने की मांग की जा रही है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गेहूं क्षेत्र की प्रमुख फसलों में से एक है। इस बार इसकी अच्छी पैदावार भी हुई है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। लेकिन, ककरबई और आसपास के डेढ़ दर्जन गांवों के किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं। पिछले कई सालों से ककरबई में क्रय केंद्र नहीं खोला गया है। ग्रामीणों की ओर से मांग किए जाने पर हर बार उन्हें साल 2018 में समिति में हुए गबन का हवाला दे दिया जाता है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन इसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
इस संबंध में अपर जिला सहकारी अधिकारी प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कई बार प्रयास किए गए, लेकिन हर बार न्यायालय में मामला लंबित होने की वजह से शासन से स्वीकृति नहीं मिल पाई। हालांकि, नजदीकी केंद्रों पर यहां के किसानों का गेहूं प्राथमिकता से खरीदा जा रहा है। सहकारी समिति अध्यक्ष संदीप सिंह परिहार ने बताया कि कई बार प्रयास किए जाने के बाद भी मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की वजह से ककरबई में केंद्र नहीं खुल पाया। सचिव श्याम मिश्रा ने बताया कि इस क्षेत्र में गेहूं की फसल सर्वाधिक होती है। लेकिन, केंद्र न होने की वजह से लोगों को अपनी उपज बेचने में परेशानी उठानी पड़ती है।