झांसी। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से पूरे बुंदेलखंड को लाभ होगा। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में भी काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बुंदेलखंड को ध्यान में रखते हुए बहुत कार्य कर रही है। अन्ना प्रथा की समस्या के चलते 1.54 लाख गोवंशों को आश्रय स्थलों में रखकर नस्ल सुधार, खुर पका, मुंह पका समेत तमाम रोगों से बचा रहे हैं। इससे गो आधारित कृषि को बढ़ाने में भी मदद
मिलेगी। रक्षा क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की गई। झांसी, चित्रकूट में कॉरिडोर के लिए 2600 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। 36,000 करोड़ के एमओयू हो गए हैं। फरवरी में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी थी। 296 किलोमीटर यानी 15 फीसदी एक्सप्रेस-वे बन गया है। प्रदेश में 2016 के पहले 68 कृषि विज्ञान केंद्र थे। 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र और मिले हैं। प्रदेश में चार राज्य कृषि विश्वविद्यालय हैं। दोनों संस्थानों के समन्वय से उन्नत तकनीक के बीज किसानों उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सरकार की तरफ से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बुंदेलखंड हर साल सूखे की चपेट में होता था। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए काफी हद तक समस्या का समाधान किया गया है। बुंदेलखंड के कई क्षेत्रों में पानी की समस्या होने की वजह से टैंकर से पानी पहुंचाया जाता था। प्रधानमंत्री जल जीवन योजना के लिए हर घर जल योजना शुरू की गई। लोगों के घरों तक पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बुंदेलखंड की सूरत बदलने में जुटी हुई हैं। किसान की आय फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा करके बढ़ाई गई है।