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किसान के बेटे ने मारी बीएड परीक्षा में बाजी

Sat, 28 May 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। बीएड की प्रवेश परीक्षा में अबकी बार बुंदेलखंड के किसान के बेटे अंकित कुमार ने 316.67 अंक लाकर यूपी टॉप किया है। बांदा के रहने वाले अंकित दो वर्ष से बीएड परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र पर उन्होंने पहली बार बीएड की परीक्षा दी और पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा दिया। अंकित ने इस सफलता को खुद की कड़ी मेहनत का फल बताया है।
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बांदा जनपद के सिंधनकला गांव के रहने वाले मध्यम परिवार के अंकित ने सीमित संसाधनों में पढ़ाई की है। उनके पिता शिवभूषण खेती-किसानी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। जबकि, मां किरन गृहणी हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अंकित ने बताया कि उनके मन में कुछ समय पहले ही शिक्षक बनकर दूसरों को शिक्षा देने की अलख जगी थी। इसके बाद से उन्होंने फॉर्म भरकर तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, अंकित ने सिर्फ बीएड ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी की। जहां-जहां फॉर्म निकलते जाते अंकित एक के बाद एक फॉर्म भरते जाते। हाल ही में ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखपाल परीक्षा के परिणाम आए, तो अंकित खुशी से झूम उठे। दोनों में ही अंकित का चयन हो गया था।

अंकित की खुशियों की सौगात इतने पर ही नहीं रुकी, शुक्रवार को आए बीएड परीक्षा परिणाम ने तो उन्हें मानों फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया। बीएड परीक्षा में प्रदेश में पहली रैंक की जानकारी मिलने पर अंकित की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। अंकित का कहना है कि उन्होंने परीक्षा के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। कुछ छात्रों के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है, जिससे अंकित और उनके परिवार का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। अंकित ने बताया कि उन्होंने पीसीएस-प्री की भी परीक्षा दी है। उसके परिणाम में भी सफलता मिलने की उन्हें उम्मीद है।
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‘अमर उजाला’ से मिली जानकारी, दिया धन्यवाद
यूपी का टॉपर बनकर प्रदेश में अचानक से छा जाने वाले अंकित को काफी देर तक पता ही नहीं था कि उन्होंने क्या कारनामा कर दिया है। ‘अमर उजाला’ ने सबसे पहले अंकित को फोन करके बधाई दी तो उन्होंने पूछा कि किस बात के लिए बधाई दी जा रही है। जब उन्हें बताया गया कि उन्होंने बीएड परीक्षा में यूपी टॉप कर लिया है, तो वह खुशी से झूम उठे। ‘अमर उजाला’ का धन्यवाद देते हुए बोले कि अभी तो मैंने रिजल्ट ही नहीं देखा। अभी जाकर रिजल्ट देखता हूं।

‘टारगेट क्लब’ से पूरा हुआ टारगेट
झांसी। एक के बाद एक अंकित को मिलीं उपलब्धियों के पीछे ‘टारगेट क्लब’ की बहुत बड़ी भूमिका है। यह क्लब किसी बड़े कोचिंग संचालक द्वारा नहीं चलाया जा रहा है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र इसे संचालित कर रहे हैं। रोजना शाम छह से साढ़े सात बजे तक यहां छात्र एकत्र होकर पढ़ाई करते हैं और आपस में जानकारियां साझा करते हैं। इस क्लब की बदौलत अब तक कई छात्रों को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं।

क्लब का सफर शुरू होता है सन 2008 से। उस समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लवजीत यादव बांदा स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास बंद पड़े एक प्राइमरी स्कूल में अपने कुछ साथियों के साथ ‘टारगेट क्लब’ की नींव डालते हैं। कई छात्र इस क्लब के जरिए मनचाही नौकरी अब तक पा चुके हैं। हाल ही में उनका चयन सहारनपुर के प्राथमिक विद्यालय में बतौर प्राइमरी शिक्षक के पद पर हो चुका है। इसके बाद से बांदा सिंधनकला गांव के रहने वाले अंकित और उनके साथी इस क्लब को आगे बढ़ा रहे हैं। अंकित बताते हैं कि बांदा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘टारगेट ग्रुप’ बहुत मददगार साबित हो रहा है। ग्रुप के सभी छात्र मासिक तीस रुपये फीस जमा करते हैं। इन्हीं पैसों से पत्रिकाएं व किताबें खरीदी जाती हैं। फिर सभी छात्र एक दूसरे से महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हैं। इस साल भी ग्रुप से कई छात्र लेखपाल, रेलवे, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, डीआरडीओ की परीक्षाएं पास कर चयनित हुए हैं। अंकित ने कहा कि वह और उनके साथी भविष्य में इस क्लब को बढ़ाकर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में हर संभव मदद करेंगे।

हाईस्कूल सेकेंड डिवीजन से पास हैं अंकित
यूपी के बीएड टॉपर अंकित हाईस्कूल सेकेंड डिवीजन पास हैं। अंकित बताते हैं कि उन्होंने बांदा के जीआईसी टहलानी से 53 फीसदी अंक के साथ हाईस्कूल पास किया। इसके बाद जीआईसी बांदा इंटरमीडिएट 68.8 फीसदी व पंडित जेएन कॉलेज बांदा से 63.5 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। अंकित ने बीएड, लेखपाल, ग्राम पंचायत की परीक्षा भी इस साल पहले प्रयास में पास की है।
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