झांसी। भाजपा किसान मोर्चा के तत्वावधान में किसानों ने ऋण माफ करने, फसल बीमा भुगतान कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर गांधी उद्यान में धरना दिया। मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रहने की चेतावनी दी गई।
धरने का नेतृत्व कर रहे बुंदेलखंड क्षेत्रीय सह संयोजक जवाहर लाल राजपूत ने बताया कि इस समय बुंदेलखंड सूखे की चपेट में है। पिछले तीन वर्ष से लगातार किसान देवीय आपदा से जूझ रहा है। बुंदेलखंड में हजारों हेक्टेयर भूमि खाली पड़ी रह गई है।
बुआई नहीं हो सकी, जहां हुई वहां सूखे से गेहूं, चना, मटर, राई की फसलें 50 से 80 प्रतिशत नष्ट हो गई। इस समय किसान गावं छोड़कर भाग रहे हैं। सैकड़ों किसान कर्ज के बोझ में दबे होने से आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों का पशुधन भूख और प्यास से नष्ट हो रहा है। सूखे से खेत, पोखर, पेड़, कुंआ, तालाब सब सूख गए तथा जानवर भी नहीं बचे। पिछले वर्ष की फसल ओलावृष्टि नष्ट हो गई थी, जिसका मुआवजा किसानों को अभी तक पूरा नहीं मिला है। बुंदेलखंड में किसानों से फसल बीमा का प्रीमियम प्रदेश में सबसे अधिक 7.5 प्रतिशत से भी अधिक मात्रा में वसूला जा रहा है और बीमा की राशि भी नहीं मिली है। बची हुई थोड़ी फसलों को जब किसान क्रय केंद्र पर बेचने जाते हैं, तो नियम कानूनों से परेशान कर लौटा दिया जाता है। किसानों को औने-पौने दाम पर व्यापारी को अनाज बेचना पड़ रहा है। इस दौरान जयदेव पुरोहित, केशव राजपूत, रमेश श्रीवास, अखिलेश श्रीवास्तव, लक्ष्मी प्रसाद समेले, अखिलेश बाजपेई, ओमकार व्यास, हरीशंकर, हर गोविंद अहिरवार, अशोक तिवारी, विनोद सहगल, जमुना कुशवाहा, खेमराज नरवरिया, सूरज सिंह आदि मौजूद रहे।
यह हैं प्रमुख मांगें
- फसल बीमा का भुगतान तुरंत किया जाए
- बुंदेलखंड के किसानों के सभी ऋण तुरंत माफ हो
- गांव में पीने के पानी का अविलंब प्रबंध किया जाए
- पशुधन के रख रखाव की योजना सरकार की ओर से की जाए
- पिछले वर्षों का अतिवृष्टि/ ओलावृष्टि का वंचित मुआवजा मिले
- इस साल की खरीफ एवं रवि फसल का सूखा राहत का मुआवजा मिले
- क्रय केंद्रों पर हो रही दलाली, किसानों को परेशान कर मजबूरन व्यापारी को सस्ते दामों पर फसल बेचने से बचाएं