संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। खेत में बने छप्पर से फंदा लगाकर किसान ने आत्महत्या कर ली। परिजन ने बताया कि वह कर्ज से परेशान रहता था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
ग्राम बेहटा निवासी पूरन लाल दोहरे (42) पुत्र घनश्याम ने ग्राम छिरौना मोजे में बंटाई पर एक खेत लिया था। रविवार की सुबह वह खेत पर गेहूं की फसल में पलेवा करने के लिए पत्नी रामसिया के साथ गया था। वहां पर दोनों फसल में पानी दे रहे थे। इसी दौरान पूरन ने खेत पर बने छप्पर में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय पत्नी खेत के दूसरे छोर पर थी। जब वह छप्पर के पास आई तो यह नजारा देखकर घबरा गई और जोर-जोर से रोने लगी। इससे आसपास के लोग एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी।
पूरन के साले कोटबेहटा निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बहनोई ने ग्राम छिरौना में जो खेत बंटाई पर लिया था, उसमें लगी धान की फसल खराब हो गई थी। खेत में मटर की बोआई करने के बाद वह भी अंकुरित नहीं हुई थी। इन सब वजहों से वह कर्ज में डूबा हुआ था। इसके साथ ही उसकी बेटी का ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। वह भी मायके में रहती है। इन सभी बातों से वह परेशान रहता था। मृतक की एक विवाहित बेटी के साथ ही 12 वर्षीय पुत्र आजाद है, जो कक्षा सात में पढ़ता है।