संवाद न्यूज एजेंसी
दतिया। शासकीय मेडिकल कॉलेज, दतिया के छात्रों ने जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन को दौड़ा-दौड़कर पीटा। उनका कसूर इतना था कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डीन से इन छात्रों के द्वारा प्रशिक्षण नहीं लेने और मनमर्जी से हाजिरी लगाने को लेकर शिकायत की थी। डॉक्टर ने इन छात्रों की कोतवाली पुलिस को शिकायत की है।
जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. एसएस बाथम (46) ने रविवार को पुलिस को बताया कि वह शहर में छल्लापुरा डिस्पेंसरी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं। छल्लापुरा डिस्पेंसरी में मेडिकल कॉलेज दतिया के पीएसएम विभाग से इंटरर्नशिप के लिए छात्र आते हैं। इन छात्रों को चिकित्सक डॉ. कपिल यादव द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। डॉ. कपिल यादव ने उन्हें बताया कि इस बैच के छात्र प्रशिक्षण में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं और एक दूसरे की गलत हाजिरी लगाते हैं। इसको लेकर डॉ. बाथम ने मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक मरावी को शिकायती पत्र लिखा था। डॉ. बाथम ने बताया कि वह छह फरवरी को दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल से आ रहे थे। जब वह सीएमएचओ ऑफिस के पास ऑक्सीजन प्लांट के पास पहुंचे, तभी मेडिकल कॉलेज के छात्र निशांत सिंह सेंगर, नितिन शर्मा और कुलदीप यादव ने उन्हें घेर लिया और डीन से शिकायत करने के लिए गाली गलौज की। कहा कि तुमने हमारी डीन से गलत शिकायत की है।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज का एक और छात्र पूनमचंद्र बोदारा भी वहां आ गया। इसके बाद सभी ने मिलकर उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर लात-घूंसों से पीटा। इससे वह घायल हो गए। कॉलेज में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारी अंकित रायकवार ने बीच बचाव कराया। आरोपी छात्रों ने आगे कभी शिकायत करने पर जान से मारने की भी धमकी दी।