झांसी। कोरोना वायरस की आपदा में नकली सैनिटाइजर को बाजार में उतारकर कई लोगों ने कमाई का अवसर ढूंढ लिया है। औषधि प्रशासन विभाग की छापामार कार्रवाई में तीन कंपनियों के नकली सैनिटाइजर बाजार में बिकते मिले। अब विभाग की विवेचना लगभग पूरी होने को है। विवेचना पूरी होते ही तीनों कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
इन दिनों बाजार में धड़ल्ले से नकली सैनिटाइजरों की बिक्री हो रही है। इन सैनिटाइजरों का उपयोग करने पर लोगों की त्वचा भी खराब हो रही है। औषधि प्रशासन विभाग को भी नकली सैनिटाइजरों की बिक्री की सूचना मिल रही थी। इस पर टीम ने कई मेडिकल स्टारों से सैनिटाइजरों के नमूने एकत्र किए और उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिए। इनमें से तीन नमूने जांच में नकली पाए गए। इन तीनों कंपनियों के खिलाफ विवेचना शुरू की गई, जो कि अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि विवेचना पूरी होते ही तीनों कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
ये कमियां मिलीं
नकली मिले तीन सैनिटाइजरों में से एक की बोतल पर प्रोपेनाल लिखा होने के बावजूद नहीं था। दूसरे में एथाइल लिखा होने के बावजूद नहीं मिला। तीसरी सैनिटाइजर की बोतल पर मेथानॉल पाया गया, जो कि बेहद हानिकारक होता है।