झांसी। एक पार्षद की सिफारिश पर बनाए गए जन्म प्रमाण पत्र का मामला तूल पकड़ गया है। आरोप लगाया गया है कि जमीन हड़पने के उद्देश्य से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया गया है। जानकारी होने पर पार्षद ने अपने बचाव में बैकफुट पर आकर नगर निगम को लिखित में सफाई दी है कि उनके लैटर पेड का दुरुपयोग हुआ है। वहीं, पीड़ित ने मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मामले की शिकायत की। इस पर उन्होंने डीआईजी रेंज ग्वालियर को निर्देश दिए कि प्रकरण की जांच करें और दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। इससे नगर निगम में हलचल तेज हो गई है। जल्द ही कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
पार्षद ने नगर निगम को पत्र लिखकर बताया था कि पुरानी पुलिस चौकी के पास कछियाना पुलिया नंबर नौ प्रेमनगर निवासी चंदा पत्नी जितेंद्र और हाल निवासी खाड़ीचा (नरवर) शिवपुरी मध्य प्रदेश, कछियाना पुलिया नंबर नौ निवासी स्व. रमेश पुत्र वंशी की पुत्री हैं। यह तस्दीक किया गया कि चंदा पुत्री स्व. रमेश का जन्म तीन मार्च 1998 को कछियाना पुलिया नंबर नौ प्रेमनगर में हुआ था। इसके आधार पर प्रमाणित किया जाता है कि चंदा पुत्री स्व. रमेश की पैदाइश कछियाना पुलिया नंबर नौ में हुई थी। पार्षद के पत्र के आधार पर नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
फंस गया मामला
चंदा कुशवाहा द्वारा स्व. रमेश कुशवाहा की पुत्री होने का दावा किया गया। इसकी सूचना रमेश कुशवाहा के पुत्र सूरज कुशवाहा को मिली तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि उनके कोई बहन नहीं है। एसडीएम ने उन्हें 28 अगस्त 2020 को वारिसान सर्टिफिकेट दिया, जिसमें परिवार में सूरज प्रसाद के अलावा कोई अन्य सदस्य नहीं है। उधर, दो नवंबर 2020 को नगर निगम से चंदा के नाम पर जन्म प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया।
पीड़ित ने की मप्र के गृहमंत्री से की शिकायत
सूरज कुशवाहा ने मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मामले की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन हड़पने के लिए मेंहदीबाग निवासी एक व्यक्ति और कछियाना निवासी एक व्यक्ति साजिश रच रहे हैं। चंदा बेड़िया जाति की महिला है और शिवपुरी जिला के प्राथमिक विद्यालय गरैठा ब्लाक खनियाधाना में शिक्षा प्राप्त की है। उसका झांसी से कोई लेना देना नहीं है। इस पर गृहमंत्री ने प्रकरण को संज्ञान में लिया और शिकायत पत्र पर आदेश दिया कि डीआईजी रेंज ग्वालियर इसकी जांच कराएं और दोषी पर एफआईआर दर्ज कराएं।
पार्षद ने लिखी एक और चिट्ठी
पार्षद ने नगर निगम को पत्र लिखकर चंदा का जन्म प्रमाण पत्र बनाने की सिफारिश की थी। लेकिन, जब मामले ने तूल पकड़ा तो उन्होंने नौ अप्रैल 2021 को एक और पत्र नगर निगम को लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम के लेटरपैड का दुरुपयोग किया है। चंदा नाम की महिला को कछियाना निवासी बताते हुए जन्म प्रमाण पत्र जारी करा दिया। उसे निरस्त किया जाए।
कोरोना के कारण थोड़ा विलंब हो गया है। जल्द ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले की जांच की जाएगी।
- डा. विनीत कुमार
नगर स्वास्थ्य अधिकारी
नगर निगम