झांसी। तापमान में तेजी और उमस होने की वजह से जिला अस्पताल में लगातार मरीजोें की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोज अस्पताल में दो हजार से पच्चीस सौ मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए आ रहे हैं। रोज ही पंद्रह से बीस मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। अस्पताल में शहर के अलावा अन्य जगहों के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते हैं। अस्पताल में बने रैन बसेरे में सुविधाएं न होने से तीमार रुकने से कतराते थे। अब साफ-सफाई और पंखों के दुरुस्त होने से तीमारदार रुकने लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है जिससे की मरीजों के तीमारदारों को परेशानी का सामना नही करना पड़े। जिला अस्पताल में तीमारदारों के लिए तीन कमरों को रैन बसेरा को बनाया गया था। लेकिन रैन बसेरा में सुविधाओं का अभाव होने के कारण तीमारदारों को वार्ड व गैलरी में ही सोने के लिए विवश होना पड़ रहा था। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज से इलाज करने को आये मरीजों के तीमारदारों को होती थी। इसकी शिकायत भी की गई थी। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने रैन बसेरा में साफ-सफाई के साथ ही नए फर्शों (मैट) को डलवा दिया है। साथ ही कई दिन से खराब पड़े पंखों की भी मरम्मत करा दी गई है। इस पर वहां तीमारदारों का जमावड़ा सा लगने लगा है। जिला अस्पताल में ग्राम पलेरा से इलाज कराने के लिए आईं तीमारदार शबाना ने बताया कि पति की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर एक सप्ताह से इलाज चल रहा है। रैन बसेरा में ही रात को सोते हैं। वहीं साजिद अली ने बताया अस्पताल में तीन दिन से पत्नी इलाज चल रहा है। पहले अस्पताल की गैलरी में ही सो कर रात गुजारना पड़ती थी लेकिन अब रैन बसेरा में ही रुक रहे हैं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. बलबीर कृष्ण गुप्ता ने बताया कि रैन बसैरा में सुविधाओं को दुरुस्त करा दिया गया है। जल्द ही कूलरों का भी प्रबंध किया जाएगा जिससे की तीमारदारों को परेशानी का सामना नही करना पड़े।