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गैंगों पर रखी जा रही है नजर

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झांसी। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियोें की हत्या के बाद अब पुलिस की नजर कुख्यात गैंगों पर है। विकास दुबे जैसे गैंग जिले में न पनप जाएं, इसको लेकर पुुलिस ने कवायद शुरू कर दी है। झांसी के कुख्यात अजय जडेजा समेत पांच गैंगों पर जेल से ही पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गैंग के सभी सदस्यों की निगहबानी बढ़ाने के साथ ही इनका इनपुट भी एक दूसरे से जुटाया जा रहा है।
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पुलिस मुठभेड़ में मारा गया विकास दुबे गैंग बनाकर कई घटनाएं कर चुका था। पुलिस की लापरवाही के कारण गैंगों पर सख्ती नहीं हो सकी थी। इसके बाद अचानक कानपुर में पुलिसकर्मियों पर हत्या के बाद अब गैंग पुलिस के निशाने पर आ गए हैं। जिले के सभी सक्रिय गैगों को रडार पर लिया जाने लगा है। इसको देखते हुए हरकत में आई पुलिस ने जिले के पांच गैंगों को निशाने पर लिया है। इनमें अजय जडेजा गैंग की पूरी जानकारी पुलिस ने जुटाना शुरू कर दी है। गैंग के सदस्य झांसी, आगरा व हाथरस समेत अन्य जिले की जेल में बंद हैं। पता चला है कि गैंग के बाहरी सदस्य घटनाओं को अब भी अंजाम दे रहे हैं।
इनमें सबसे ज्यादा शातिर गैंग अजय जडेजा का बताया गया है। वर्ष 2017 में महानगर के चर्चित कारोबारी राजू कमरया व उनके साथी का अपहरण कर शहर में सनसनी फैला दी थी। कड़ी मशक्कत के बाद एसटीएफ के साथ मिलकर जिले की पुलिस ने दोनों को आगरा से मुक्त कराया था। अब अचानक कानपुर में हुई बड़ी घटना ने पुलिस के माथे पर बल ला दिया है। इसके बाद पुलिस जेल के अंदर से ही शिकंजा कसने में जुट गई है। गैंग के अन्य सदस्यों की भी कुंडली खंगालना शुरू कर दी है।
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यह हैं पांच प्रमुख गैंग
नंबर 1
झांसी के सीपरी बाजार क्षेत्र निवासी अजय जडेजा का गैंग चिह्नित किया गया है। फिरौती व अपहरण करने वाले इस गैंग के सदस्य जिला हाथरस निवासी विनोद चैधरी, जितेंद्र, लोकेंद्र, प्रदीप, आगरा निवासी धर्मवीर वर्तमान में आगरा व हाथरस जेल में बंद हैं।
नंबर 2
मऊरानीपुर निवासी करन यादव का लूटपाट करने वाले गैंग भी नजर पर है। इस गैंग में तीन सदस्य हैं, जो कई घटनाओं को अंजाम देकर जेल भी जा चुके हैं।
नंबर 3
थाना टोड़ीफतेहपुर के रेवन गांव निवासी अरविंद अहिरवार का गैंग भी निगाह पर है। इस गैंग में दो सदस्य हैं, जो वाहन चोरी करने में एक्सपर्ट हैं। अब तक दर्जनों वाहन चोरी कर चुके हैं।
नंबर 4
जिला हमीरपुर निवासी बब्लू उर्फ रण विजय के गैंग को चिह्नित किया गया है। यह गैंग दर्जनों लूट, डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। नौ सदस्य गैंग के साथ मिलकर काम करते हैं। जो जेल में हैं।
नंबर 5
थाना मऊरानीपुर निवासी मनीष उर्फ छोटू का भी वाहन चोरी का बड़ा गैंग है। झांसी के साथ मध्य प्रदेश के जिलों में दर्जनों वाहन चोरी कर चुके हैं।
इस तरह रखी जा रही नजर
- किस जिले के कितने बदमाश झांसी जेल में बंद हैं।
- पूरी जानकारी जुटाकर आसपास के जिलों को भेजी जाएगी।
- जेल में बंद अपराधियों से मिलने वालों पर भी नजर रहेगी।
- जमानत देने वालों से पुलिस गोपनीय रूप से पूछताछ करेगी।
- किस बैरक में कौन-कौन रह रहा है, इसकी रिपोर्ट तैयार होगी।
जेल में बंद गैंग के सदस्यों समेत कुख्यात बदमाशों पर जेल प्रशासन व पुलिस द्वारा नजर रखी जा रही है। इनकी जानकारियों को भी साझा किया जा रहा है। गैंग के सदस्यों पर खुफिया नजर रखी जाएगी, ताकि जेल में गैंग तैयार न कर सकें।
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राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक
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