पति-पत्नी के बीच आई ‘वो’, जिंदगी हुई बदहाल
झांसी। रविवार को महिला थाने में परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया, जिसमें दस महिलाएं अपनी फरियाद लेकर पहुंची। इनमें से चार मामलों में पति-पत्नी के बीच सुलह करवा दी गई और वे थाने से खुशी-खुशी घर लौटे, जबकि चार मामलों में समझौते के प्रयास सफल न होने पर आगे की तारीख दे दी गई। वहीं, दो मामलों में महिलाओं ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इनमें से एक मामले में महिला ने बताया कि उसने प्रेम विवाह किया था। इसके लिए अपना धर्म तक बदल दिया, परंतु अब किसी दूसरी महिला के चक्कर में पड़कर पति का स्वभाव बदल गया है। जबकि, एक अन्य महिला ने बताया कि उसका पति बात - बात पर तलाक देने की धमकी देता है। सभी महिलाओं ने मदद की गुहार लगाई।
जिसके लिए धर्म तक बदल दिया, अब वो बदल गया
परिवार परामर्श केंद्र में अपनी फरियाद लेकर पहुंची महिला ने बताया कि 27 नवंबर 2014 को उसकी शादी एक दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ हुई थी। शुरुआत में सबकुछ ठीक चलता रहा। इसी दरम्यान वो किडनी की बीमारी की चपेट में आ गई, जिसमें उसका हर सप्ताह डायलिसिस होता है। इसी दौरान पति के अपने ही धर्म की एक लड़की से ताल्लुकात हो गए। धीरे-धीरे पति का उसके प्रति नजरिया ही बदल गया। आए दिन प्रताड़ित किया जाने लगा। यहां तक कि इलाज के सारे कागज भी फाड़ दिए। महिला ने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पति देता है तीन तलाक की धमकी
इलाहाबाद बैंक के पास निवासी आसमा खान ने बताया कि ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। पति के अलावा ससुराल पक्ष के अन्य लोग भी आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं। वे ढाई लाख रुपये की मांग करते हैं। अन्यथा वे कहते हैं कि चैन से नहीं रहने देेंगे। इसके अलावा पति आए दिन तीन तलाक की धमकी देता है। महिला ने आरोप लगाया कि पति कहता है कि ढाई लाख रुपये न लाने पर वो तीन तलाक दे देगा। उसे नये कानून से कोई सरोकार नहीं है। महिला ने न्याय की गुहार लगाई।
बांधा फ्रेंडशिप बैंड, खुशी-खुशी हुए विदा
अंबावाय निवासी निशा और जगदीश की तेरह साल पहले शादी हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। पहले दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। बाद में समझौता हो गया। लेकिन अब एक बार फिर पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मामला पुलिस के पास पहुंच गया। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों को बुलाया गया। यहां उनकी समझाइश की गई। वैचारिक मतभेदों को दूर करने के लिए कुछ मुद्दों पर पति को और कुछ पर पत्नी को झुकने की सलाह दी गई। समझाइश काम आई और पति-पत्नी के बीच सुलह हो गई। चूंकि, रविवार को फ्रेंडशिप डे था, थाने में ही दोनों ने एकदूसरे को फ्रेंडशिप बैंड पहनाया और खुशी-खुशी घर के लिए रवाना हो गए।
पारिवारिक मामले पहुंचते हैं केंद्र में
महिला थाने में परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन प्रत्येक रविवार को किया जाता है। विभिन्न थानों व अन्य अफसरों के पास पहुंचने वाले पारिवारिक मामलों को परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया जाता है। यहां दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया जाता है। एक बार न मानने पर दो-तीन बार और बुलाया जाता है। पति-पत्नी के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास किया जाता है। विवाद के कारण जाने जाते हैं और उन्हें दूर करने की कोशिशें की जाती हैं। रविवार को आयोजित केंद्र में वरिष्ठ सदस्य डा. नीति शास्त्री, शशिप्रभा मिश्रा, महिला थानाध्यक्ष पूनम शर्मा व थाने के अन्य स्टाफ ने मामलों को सुना और समझाइश की।