अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तापमान में वृद्धि के साथ बिजली की खपत भी बढ़ गई है। घर-घर कूलर, एसी व पंखे चलने से ओवरलोडिंग हो रही है, जिससे ट्रिपिंग होने की वजह से बिजली आपूर्ति बार-बार ठप पड़ जा रही है। शुक्रवार रात ओवरलोडिंग से सिटी फीडर व दतिया गेट फीडर से करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। बंसल कॉलोनी में केबल फुंक गई। शनिवार को भी सिटी फीडर, खंडेराव गेट फीडर व दतिया गेट फीडर की बिजली आपूर्ति तीन घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही, जिससे लगभग 70 हजार की आबादी को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार की रात 10 बजे के बाद अचानक सिटी फीडर, खंडेराव गेट फीडर व दतिया गेट फीडर पर बिजली की खपत बढ़ने से एक-एक करके लाइनें ट्रिप होती गईं, जिससे इन फीडरों से जुड़े इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब एक घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन ओवरलोडिंग की वजह से फिर लाइनें फिर ट्रिप हो गईं। जिससे करीब 70 हजार की आबादी ने तड़के तीन बजे तक गर्मी भरी रात करवटें बदलकर काटी। इसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारु हुई, मगर दोपहर 12 बजे के बाद फिर ओवरलोडिंग होने से बिजली संकट खड़ा होने लगा। कभी सिटी फीडर तो कभी खंडेराव व दतिया गेट फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, ओवरलोडिंग की वजह से केबल फुंक गई, जिसकी वजह से बंसल कॉलोनी के लोगों ने दोपहर तीन बजे तक बिजली संकट झेला।
एसडीओ मुन्नालाल सर्वेश मंगला ने बताया कि रात में बिजली की खपत बढ़ जाती है। शुक्रवार की रात ओवरलोडिंग से हुई ट्रिपिंग से बिजली आपूर्ति करीब तीन घंटे तक बाधित रही। जबकि, केबल फुंकने से बंसल कॉलोनी में बिजली संकट रहा।
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10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी
मुन्नालाल पावर हाउस में पांच एमवीए की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए शनिवार को प्लिंथ बनाई गई, जिसके दो-तीन दिन में सूखने के बाद ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जाएगा। बता दें कि यह काम फरवरी में पूरा हो जाना था, लेकिन यह अब किया जा रहा है।
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ट्रांसमिशन पर एकाएक बढ़ा लोड
ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता विनोद जायसवाल ने बताया कि ट्रांसमिशन के सब स्टेशनों पर बिजली खपत बढ़ने से लोड बढ़ गया है। हंसारी पावर हाउस पर करीब 181 मेगावाट और दुनारा पर 62 मेगावाट खपत पहुंच गई है। उन्होंने बताया गत वर्ष हंसारी से सर्वाधिक खपत 174 मेगावाट व दुनारा से 75.91 मेगावाट हुई थी। उनका कहना है इस बार गत वर्ष की अपेक्षा बिजली की खपत बढ़ेगी, मगर ट्रांसमिशन के पावर हाउस तैयार है। इसकी वजह हंसारी की क्षमता 189 मेगावाट व दुनारा की 120 मेगावाट है।