अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों पर अभी से एग्जाम फोबिया हावी होने लगा है। कोई बोर्ड एग्जाम में अच्छे अंक नहीं आने की आशंका से परेशान है तो कोई रिवीजन में याद नहीं आने से। ऐसे कई विद्यार्थी परीक्षा छोड़ने की जिद पर अड़े हैं, जिनकी परिजनों ने काउंसलिंग कराई है।
मनोचिकित्सक ने सलाह दी कि बिना होड़ और तनाव के परीक्षा की तैयारी करें। यदि पढ़ाई पर चर्चा करनी है तो सीधे संवाद करें। सोशल मीडिया और वाट्सएप ग्रुप से दूरी बनाएं। परीक्षा में बेहतर से बेहतर करने पर फोकस करें।
हाईस्कूल और इंटर बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसे लेकर विद्यार्थी अच्छे अंक लाने की होड़ में दिन-रात पढ़ाई में जुटे हैं। कई विद्यार्थी तो रिवीजन में लगे हैं। इस वजह से अपनी तैयारी कमजोर मानकर कई फोबिया की चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. सिकाफा जाफरीन ने बताया कि परिजनों का अपने बच्चों को लेकर काउंसलिंग के लिए आना शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि स्वयं की तैयारी कम मानकर कई विद्यार्थी परीक्षा न देने का मन बना चुके हैं। अगले वर्ष परीक्षा देने की बात कह रहे हैं। एक विद्यार्थी ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बर्बाद कर दिया है, जिसकी वजह से मजबूती से तैयारी नहीं हो सकी।
डॉ. सिकाफा जाफरीन ने मशविरा दिया कि कोई भी विद्यार्थी अपने किसी साथी से बेहतर अंक लाने की होड़ न करे। अपने स्तर से तैयारी करें और परीक्षा में बेहतर करने का प्रयास करें। यदि पढ़ाई का कोई वाट्सएप ग्रुप बना है तो उस पर अपनी समस्या शेयर नहीं करें। यदि शेयर करते हैं तो हर कोई अपना-अपना मशविरा देगा, जिससे और भ्रम की स्थिति बनेगी। विद्यार्थी आमने-सामने या फिर सीधे फोन पर बात करें। तनाव मुक्त रहने के लिए आधा-एक घंटा संगीत सुने या फिर सैर करने के लिए जाएं।