झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई पैरा मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्र-छात्राओं को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। अब तक कॉलेज में केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए ही आरक्षण व्यवस्था लागू थी।
करीब 363 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पैरा मेडिकल कॉलेज में पहला शैक्षणिक सत्र वर्ष 2014-15 में शुरू हुआ था। तब से अब तक ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू नहीं था। शासन के निर्देश पर अब सामान्य आरक्षण व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसके तहत नए सत्र से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
कॉलेज में प्रवेश अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। नई व्यवस्था लागू होने से इस वर्ष प्रवेश लेने वाले ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को पहली बार आरक्षण का लाभ मिलेगा।
किस कोर्स में कितनी ईडब्ल्यूएस सीटें
बीएससी नर्सिंग (4 वर्षीय) : 60 सीटों में 6 सीटें
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (4.5 वर्षीय) : 50 सीटों में 5 सीटें
बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी : 30 सीटों में 3 सीटें
बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस : 30 सीटों में 3 सीटें
बीपीटी की सीटें 30 से बढ़कर 50
पैरा मेडिकल कॉलेज में संचालित बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) पाठ्यक्रम में अब तक 30 सीटों पर प्रवेश होता था। कॉलेज प्रशासन लंबे समय से सीटें बढ़ाने का प्रयास कर रहा था। बुधवार को शासन ने इस कोर्स की सीटें बढ़ाकर 50 करने की मंजूरी दे दी।
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पैरा मेडिकल कॉलेज में पहली बार ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है। नए शैक्षणिक सत्र से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। - डॉ. अंशुल जैन, डायरेक्टर, पैरा मेडिकल कॉलेज