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आयुर्वेदिक कॉलेज में मिलेगी हर मर्ज की दवा, मिला बजट

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झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय में में अब पर्याप्त दवाएं मिलेंगी। शासन ने 13 लाख रुपये बजट और भेज दिया है। यहां पर हर मर्ज के इलाज के लिए 40 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता होगी। कॉलेज प्रशासन ने दवाओं की खरीद के ऑर्डर भी जारी कर दिए हैं। यह पहली बार है, जब कॉलेज को एक ही वित्तीय वर्ष में 28 लाख रुपये बजट मिला है।
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एक ओर जहां शहर में धड़ल्ले से एलोपैथिक नर्सिंगहोम खुलते जा रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय चिकित्सा की सबसे पुरानी पद्धति आयुर्वेद पर अब भी लोगों का भरोसा कायम है। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय में रोजाना मरीजों की अच्छी तादाद जुटती है। कोरोना काल के पहले यहां पर औसतन 200 मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए आते थे और 40 मरीज हर समय भर्ती रहते थे। हालांकि, कोविड के चलते सभी जगह ओपीडी में मरीजों की संख्या घटी है। मौजूदा समय में यहां पर औसतन सवा सौ मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए आ रहे हैं। कॉलेज को सरकार ने अप्रैल में 15 लाख रुपये दवाओं के लिए बजट दिया था। इससे दवाएं मंगवाकर मरीजों को दी गईं, जो कि अब खत्म होने की स्थिति में आ गई थीं। इसी बीच, शासन ने फिर से कॉलेज को 13 लाख रुपये बजट दे दिया है। अब कॉलेज में फिर से पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता हो जाएगी। यहां पर हर मर्ज की दवा उपलब्ध रहेगी। कुल मिलाकर 40 प्रकार की दवाएं चिकित्सालय में मरीजों को मिलेंगी।
सिर्फ एक रुपये का पर्चा बनवाकर कराएं इलाज
आयुर्वेदिक चिकित्सालय में सिर्फ एक रुपये का पर्चा बनवाकर मरीज चिकित्सीय परामर्श ले सकते हैं। इसके साथ ही रोग की दवाएं भी निशुल्क मिलती हैं। वहीं, चंद रुपयों में ही कॉलेज परिसर में जांचों की भी सुविधा है। यहां पर ब्लड, यूरिन, ब्लड शुगर, ईसीजी, हीमोग्लोबिन, टीएलसी-डीएलसी, ईएसआर की जांच होती है।
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शासन की तरफ से दवाओं की खरीद के लिए 13 लाख रुपये बजट और मिल गया है। यह पहली बार है, जब किसी वित्तीय वर्ष में दवाओं के लिए कुल 28 लाख रुपये मिले हैं। दवाओं की खरीद जारी है।
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- डॉ. केदारनाथ यादव, प्राचार्य, बुंदेलखंड आयुर्वेदिक कॉलेज।
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