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इंसान भले उठ जाए, फोन नहीं उठाती झांसी पुलिस

Mon, 12 Dec 2016 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police, jhansi news - फोटो : demo
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रिंग करते-करते कोई इंसान भले उठ जाए, मगर झांसी पुलिस पब्लिक का फोन उठा ले, यह जरूरी नहीं। शनिवार की रात थानेदार से लेकर पुलिस अधीक्षक तक का फोन नहीं उठा। जबकि इन सबके पास सरकारी मोबाइल फोन हैं और इनके बिलों का भुगतान सरकार ही करती है। आईजी जकी अहमद ने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों की क्लास लगाई। डीआईजी शरद सचान को निर्देश दिए हैं कि फोन न उठाने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई करें।
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थानेदारों की मनमर्जी
आम शिकायत है कि पुलिस वाले पब्लिक का फोन नहीं उठाते। अमर उजाला ने भी कल रात यही महसूस किया। कोतवाली क्षेत्र के बड़ाबाजार में जाम और अतिक्रमण की समस्या पर पुलिस का वर्जन जानने के लिए अमर उजाला ने कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा को शाम से रात तक (6.59, 7.00, 8.13, 8.14, 8.43,  8.50, 9.00, 9.05, 9.11 बजे) कई फोन किए, मगर उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसी तरह सीपरी बाजार में वनवे ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त होने की वजह से पूरे दिन जाम लगने के मुद्दे पर सीपरी बाजार थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह चंदेल को फोन लगाया गया। कई बार घंटी बजी, मगर फोन नहीं उठा। 
 
अफसरों का भी रिस्पांस नहीं
सीओ सिटी संजय कुमार शर्मा को शाम 7.00, 7.30, 8.00 और 8.10 बजे फोन किया गया, जो स्विच ऑफ था। रविवार को दिन में 1 बजे भी उनसे बात नहीं हो सकी। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह को चार बार फोन किया गया, मगर उन्होंने रिसीव नहीं किया। पांचवीं बार फोन उठा तो बिना कोई बात सुने व्यस्तता बताकर बात करने से इनकार कर दिया। एसपी देहात सुधा सिंह को भी चार बार फोन मिलाया गया, मगर रिसीव नहीं हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश चौरसिया का फोन भी स्विच ऑफ मिला। रविवार को उन्होंने बताया कि वह जरूरी काम से लखनऊ में हैं। इस कारण बात नहीं हो सकी। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि वह छुट्टी लेकर लखनऊ गए थे। रविवार को एसपी देहात सुधा सिंह ने बताया कि फोन वेटिंग पर होगा, इस कारण पता नहीं लगा।
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आईजी बोले, होगा एक्शन
इसके बाद अमर उजाला संवाददाता ने आईजी जकी अहमद को फोन मिलाया तो उन्होंने पहली ही घंटी में कॉल रिसीव की और तफसील से बात की। उन्होंने बताया कि एसएसपी किसी जरूरी काम से लखनऊ में  हैं। इस कारण स्विच ऑफ है। लेकिन शहर और ड्यूटी में मौजूद थानेदारों और पुलिस अधिकारियों का फोन रिसीव न करना, गंभीर बात है। यह गैरजिम्मेदाराना है। डीआईजी को निर्देश देंगे कि वे इस पूरे मामले की जांच करें। साथ ही संबंधित थानेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके बाद आईजी ने थानेदारों और पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। तब अमर उजाला को कोतवाली प्रभारी और नवाबाद थाना प्रभारी ने खुद फोन किया और बात सुनी।

कार्रवाई होगी
थानेदारों को फोन उठाना चाहिए। यदि किसी खास वजह से फोन नहीं उठता है, तो बाद में फोन लगाकर बात करनी चाहिए। यह गंभीर मामला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दूंगा कि संबंधित पुलिस वालों पर कार्रवाई करें।
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शरद सचान, डीआईजी झांसी परिक्षेत्र
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