आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी, 14 मार्च तक चलने वाले महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम
संवाद न्यूज एजेंसी
एरच। पांच दिवसीय होली एरच महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार 10 मार्च को दोपहर एक बजे से भक्त प्रहलाद की भव्य शोभायात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक जवाहर लाल राजपूत द्वारा भगवान की आरती के बाद होगा। शोभायात्रा किला हनुमान गढ़ी मंदिर से शुरू होकर नगर के मुख्य बाजार से नरसिंह भगवान मंदिर तक पहुंचेगी। शोभायात्रा धूमधाम से निकाले जाने को लेकर जागरूक लोगों को व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 14 मार्च तक चलने वाले महोत्सव में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शोभायात्रा में भगवान बारह, बामन नरिंसह भगवान के स्वरूपों की आकर्षक झांकियों के साथ कई स्वांग शामिल होंगे। शोभायात्रा को लेकर नगर के लोगों में बड़ा उत्साह है। इसको लेकर नगर के लोगों के द्वारा भी तैयारी की गई है। शाम छह बजे शोभायात्रा का समापन आयोजन स्थल रामलीला परिसर में होगा। इसके बाद बुंदेली लोक नृत्य के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। महोत्सव को लेकर के लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। महोत्सव में भाग लेने वाले महिला-पुरुषों के लिए बैठने के प्रबंध किए गए हैं। मंच को भी आकर्षक रूप दिया जा रहा है। महोत्सव के दाैरान प्रतिदिन सांयकालीन बेतवा नदी की आरती का भी आयोजन रखा गया है।
होली महोत्सव के जरिए नगर को ऐतिहासिक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्थान द्वारा भी लगातार इस ओर बढ़चढ़ कर पहल की जा रही है। विधायक जवाहर लाल राजपूत के प्रयास से शासन द्वारा महोत्सव के लिए वित्तीय सहायता मिलने से आयोजन काे भव्य रूप दिया जा रहा है। नगर की प्राचीन धरोहर को संजोए रखने का भी प्रयास किया जा रहा है
-अमित चौरसिया, अध्यक्ष भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान
होली महोत्सव के आयोजन को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है। महोत्सव की तैयारी में सभी जुटे हुए हैं। सभी मिलकर इसमें सहभागिता निभा रहे हैं।
-ब्रजेन्द्र सिंह सेंगर
नगर में आज भी प्राचीन परंपरा कायम है। आपसी द्वेष भावना को भुलाकर लोग भाईचारे के साथ रंग गुलाल लगाते हैं। सभी यह पर्व उत्साह के साथ मनाते हैं।
-संजय कुमार दूरवार
भक्त प्रहलाद की नगरी की प्राचीन धरोहर को संरक्षित किए जाने की जरूरत है। महोत्सव के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित कराने की कोशिश की जा रही है। -प्रताप सिंह कुशवाहा, शिक्षक