झांसी। महत्वाकांक्षी एरच बांध परियोजना पिछले चार साल से जांच के गलियारे से नहीं निकल सकी है। बांध पर करीब 401 करोड़ रुपये सरकार खर्च कर चुकी लेकिन, खेतों तक एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचा। दिसंबर, वर्ष 2019 में झांसी आने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए। करीब ढाई साल बीतने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ा। अब मुख्यमंत्री के फिर झांसी आने से इस परियोजना को लेकर आस जगी है।
वर्ष 2015 में पारीछा बांध से करीब चालीस किलोमीटर नीचे एरच के जुझार गांव में इस बांध का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। करीब 19 मीटर ऊंचा एवं 1400 मीटर लंबाई में बनने वाले इस बांध में 62 एमसीएम पानी भरा जाना था। इसमें से 29 एमसीएम पीने का पानी और 9.50 एमसीएम पानी सिंचाई के लिए प्रस्तावित था। करीब 5.98 लाख लोगों को पीने का पानी मुहैया कराया जाना था। वर्ष 2018 तक 401 करोड़ रुपये इस पर खर्च हो गए लेकिन, डिजाइन समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप के चलते योगी सरकार ने काम बंद करा दिया। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान इस परियोजना को जल्द आरंभ कराने का भरोसा दिलाया लेकिन, इसके बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अभी ईडब्ल्यूएस जांच भी पूरी नहीं हो सकी जबकि इस परियोजना से गरौठा समेत आसपास लाखों लोगों को फायदा पहुंचना था।