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यूनिवर्सिटी में हों समान कोर्स, महिला सुरक्षा के लिए बने कठोर कानून

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पैरा मेडिकल कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 59 वें प्रांत अधिवेशन में प्रांत अध्यक्ष डा
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झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 59वें प्रांत अधिवेशन में उच्च शिक्षा से लेकर प्रदेश की वर्तमान स्थिति तक प्रस्ताव पारित हुए। इसमें विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम निर्धारित करने से लेकर महिलाओं के लिए कठोर कानून बनाना तक शामिल हैं।
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा पर दिए प्रस्ताव में कहा कि सभी यूनिवर्सिटी में समान पाठ्यक्रम का निर्धारण किया जाए। पाठ्यक्रम निर्धारण में अंतरराष्ट्रीय मानकों, राष्ट्रीय परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं का समन्वयक किया जाए। पाठ्यक्रम में कौशल विकास को समावेशित किया जाए। सामान्य स्नातक और परास्नातक प्रमाणपत्रों के साथ कौशल विकास प्रमाणपत्र भी विद्यार्थी को दिए जाएं। इससे छात्र देश के आर्थिक विकास में सहभागी हो सकें। स्वयं और अन्य ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को प्राप्त करने के लिए पर्यावरण की तरह ई-प्रशिक्षण विषय शामिल किया जाए। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन की सुविधा मिल सके। बुनियादी संरचना में विकास किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। यूनिवर्सिटी, कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त स्थान भरे जाएं। सामाजिक समस्याओं जैसे बलात्कार, छेड़छाड़ के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे कार्यक्रमों को अधिक सक्षम बनाया जाए।
इसके अलावा प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी प्रस्ताव पारित हुए। इसमें महिला सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने, महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित जांच की व्यवस्था व फास्ट ट्रैक न्यायालयों में जल्द न्याय दिलाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम जैसे कानूनों के संबंध में जनसामान्य को जागरूक करने का कार्य व्यापक स्तर पर किया जाए। सरकारी योजनाओं की जनसामान्य तक पहुंच का सर्वेक्षण करवाकर वंचितों को लाभ दिया जाए। इसके अलावा श्रीराम जन्म भूमि, धारा 370, 35 ए व नागरिकता संशोधन अधिनियम पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित हुआ। कुछ प्रस्तावों में मामूली संशोधन हुआ है। अब यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजे जाएंगे।
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एबीवीपी की कार्यकारिणी में झांसी को भी प्रतिनिधित्व
- अंजू गुप्ता प्रांत उपाध्यक्ष, वेद श्रीवास्तव बने प्रदेश सह मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत कार्यकारिणी में झांसी को भी प्रतिनिधित्व मिला है। अंजू गुप्ता को प्रांत उपाध्यक्ष और वेद श्रीवास्तव को प्रदेश सह मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा श्रद्धा तिवारी को प्रांत सह छात्रा प्रमुख की जिम्मेदारी मिली है।
अधिवेशन में अजय शंकर तिवारी को प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख, पंकज शर्मा को राष्ट्रीय कला मंच प्रमुख, डॉ. अरविंद श्रीवास्तव को प्रांत मेडीवीजन प्रमुख नियुक्त किया गया है। प्रवीण लखेरा को बांदा विभाग के संगठन मंत्री का जिम्मा मिला है। इसके पहले वह नगर सह मंत्री, प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के साथ-साथ प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं। झांसी से प्रांत की कार्यकारिणी में आशुतोष मिश्रा, जया श्रीवास्तव, दीक्षा दुबे, उदय राजपूत, अंशुमान द्विवेदी, साक्षी वर्मा, रितिक यादव सदस्य चुने गए।
इससे पूर्व अधिवेशन में विश्वविद्यालय प्रमुख श्रीहरि बोरिकर ने नागरिक संशोधन अधिनियम, एनपीआर और एनआरसी के विषय में विपक्ष द्वारा फैलाई गई भ्रांतियों को दूर किया। प्रदेश संगठन मंत्री कमलनयन, प्रांत अध्यक्ष यतींद्र सिंह, प्रांत मंत्री तरुण बाजपेयी, वरुण सिंह, अजय यादव, महेंद्र सिंह, मानवेंद्र सेंगर, सौरभ बग्गम, प्रसन्न जैन, मनेंद्र सिंह, मनोज नीखरा, जिला संगठन मंत्री मथुरा सौरभ रावत भांजे, अमित चिरवरिया, प्रियांशु पटैरिया मौजूद रहे।
ये बोले कार्यकर्ता
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सम्मेलन में हर प्रकार की शिक्षा मिली है। इससे प्रतिभा में और निखार आएगा। ऐसे सम्मेलन से पूर्ण व्यक्तित्व मिलता है। इसमें शिरकत करकर काफी उत्साहित हूं। - आशुतोष मिश्रा।
अधिवेशन में हर जाति, मजहब ने हिस्सा लिया। छात्राओं को भी बड़ा दायित्व मिला है। अधिवेशन में अनुशासन में रहकर कैसे अपनी बात रखनी है, यह सीखा है। - वेद श्रीवास्तव।
संगठन अनुशासन, मेहनत और समय प्रबंधन सिखाता है। अधिवेशन में यह सीखने को मिला है। यह अधिवेशन व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा। - रोहित गुप्ता।
नागरिकता कानून को लेकर किस तरह देश में भ्रम फैलाया जा रहा है और इसका क्या उद्देश्य, यह जानने को मिला। अब इसको लेकर दूसरों को भी जागरूक करूंगा। - नीतेश सोनी।
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