संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अगर आप झांसी आ रहे हैं तो आप चाहे जिस मार्ग से प्रवेश करें, जनपद की हर सीमा के बाहर बने स्वागत द्वार के माध्यम से आपका अभिनंदन किया जाएगा। बड़े शहरों की तर्ज पर झांसी में भी लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले की अंतरराज्यीय सीमा पर भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं।
दूसरे प्रांत में प्रवेश करते समय लोगों को यह पता नहीं होता कि वह किस राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने दो राज्यों के बीच पड़ने वाली सीमाओंं पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जाने की योजना बनाई। इसके तहत, झांसी जनपद की 11 सीमाओं को चिह्नित करते हुए कार्य शुरू कराया। वर्तमान में यह गेट बनकर तैयार भी हो चुके हैं। एक द्वार बनाने में करीब 1 करोड़ 14 लाख 91 हजार रुपये खर्च हुए। ऐसे में इस पूरे कार्य में करीब 12.64 करोड़ रुपये व्यय किए गए। इन द्वार स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग साज-सज्जा के साथ विशेष लाइटिंग से युक्त किया गया है। यही नहीं, यहां बैठने की भी व्यवस्था की गई है।
यहां बनाए गए हैं स्वागत द्वार
मऊ टीकमगढ़ मार्ग
मऊ-चुरारा टिकटौली खजरी मार्ग
झांसी-उन्नाव-बालाजी मार्ग
उन्नाव बालाजी मार्ग
सिकंदरा समथर से दबोह मार्ग
मोंठ, समथर, पांडोखर इंदरगढ़ मार्ग
एनएच-27 से गिरारी घाट होते हुए मुराठा धममना मार्ग
मोंठ-भांडेर मार्ग
चिरगांव-भांडेर मार्ग
बरुआसागर-धमना -टहरौली
बड़ागांव-भसनेह मार्ग
बाॅक्स में -
झांसी-ग्वालियर मार्ग पर बने द्वार को गिराया गया
झांसी-ग्वालियर मार्ग पर फ्लाईओवर स्वीकृत था लेकिन पीडब्लूडी की ओर से यहां स्वागत द्वार का कार्य शुरू कर दिया गया। जानकारी होने पर स्वागत द्वार के कार्य को रोका गया और बाद में जब फ्लाईओवर का कार्य शुरू हुआ तो निर्माणाधीन स्वागत द्वार को गिरा दिया गया।
इनका कहना
झांसी जिले की अंतरराज्यीय सीमाओं पर कुल 12 गेट स्वीकृत हुए थे, जिनमें 11 गेट का निर्माण पूर्ण हो चुका है। एक गेट फ्लाईओवर के निर्माण के चलते निरस्त कर दिया गया है। - अवधेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग खंड - 3, झांसी