झांसी। महानगर में पार्किंग से नगर निगम को महज 50 लाख रुपये सालाना की आय हो रही है, लेकिन अवैध पार्किंग चलाने वाले करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। महानगर में करीब 60 जगहों पर चल रहीं अवैध पार्किंगों से रोज दस-दस हजार रुपये की वसूली की जाती है। आलम यह है कि अवैध पार्किंग चलाने वाले लोगों को नगर निगम का डर दिखाकर लूट रहे हैं। उधर, नगर निगम के अधिकारी जानकर भी अनजान बन रहे हैं।
नगर निगम को मौजूदा समय में छह पार्किंगों से राजस्व मिल रहा है। नगर निगम जिस स्थान पर पार्किंग का ठेका देता है, वहां लगने वाले पार्किंग शुल्क का करीब आधा शुल्क वसूल करता है। हर साल निगम को पार्किंग से 50 लाख रुपये की आय हो रही है। जबकि नगर निगम के नाम पर चल रहीं अवैध पार्किंग से करोड़ों रुपये की कमाई की जा रही है।
कुछ जगहों पर पार्किंग की पर्ची दी जाती है, तो कई जगहों पर जबरन वसूली की जाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो अवैध पार्किंग के नाम पर लोगों से 10 हजार रुपये की वसूली होती है। 60 अवैध पार्किंगों की रोज की कुल कमाई का आंकड़ा छह लाख रुपये हो जाता है। इसका करीब 50 फीसद नगर निगम को जाना चाहिए। ऐसे में निगम को कुल तीन लाख रुपये का रोज नुकसान होता है।
रोज 300 गाड़ियों से वसूली
महानगर के झरना गेट के पास रोज शाम को करीब 300 से अधिक गाड़ियां खड़ी हो रही हैं। यहां पर दो पहिया वाहनों से 10 रुपये और चार पहिया वाहनों से 50 रुपये प्रति वाहन वसूल किए जाते हैं। अवैध पार्किंग कराने वाले यहां से रोज करीब 10 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। उधर, बाजार में बने एक कांपलेक्स में भी करीब 100 वाहन खड़े होते हैं। यहां से भी रोज तीन हजार रुपये की अवैध कमाई की जाती है।
वसूली करते हैं और पर्ची नहीं देते
बस स्टैंड के पास मंडी सचिव के दफ्तर के बाहर बने टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चालकों से रोज 30 रुपये की वसूली की जाती है। यहां करीब 200 से अधिक टैक्सी और आपे खड़े होते हैं। यहां से भी अवैध पार्किंग कराने वाले करीब 10 हजार रुपये की वसूली करते हैं। साथ ही, किसी को कोई पर्ची नहीं दी जाती है। जो आपे और टैक्सी चालक पर्ची मांगता है, उसे यहां पर वाहन खड़ा नहीं करने दिया जाता है। इसके साथ ही पंचकुइयां पर हनुमान मंदिर के पास वाहन खड़ा करने पर लोगों से वसूली की जाती है।
आए दिन होते हैं विवाद
पार्किंग के नाम पर वसूली को लेकर आए दिन लोगों और अवैध पार्किंग कराने वालों में विवाद होता है। हाल ही में एक अधिवक्ता ने पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर डीएम से शिकायत की भी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। नगर निगम के अधिकारियों की शह पर अवैध रूप से लोगों से लूट की जा रही है।
कहते हैं पार्षद
नगर निगम को कोरोना काल में बजट कम मिल रहा है। पार्किंग से नगर निगम को आय होती है, लेकिन महानगर में चल रहीं अवैध पार्किंग से लोगों को लूटा जा रहा है। इस मामले को सदन में उठाया जाएगा।
- राजेश त्रिपाठी, उपसभापति
महानगर मेें तमाम जगहों पर अवैध पार्किंग चल रही हैं। कई जगहों पर तो नगर निगम पार्किंगों के नाम पर दूसरी जगहों पर वसूली हो रही है। नगर निगम की ओर से अधिकृत पंजीकृत रसीद बुक जारी की जानी चाहिए। सदन में यह मामला उठाया जाएगा। - दिनेश सिंह दीपू, पार्षद
दीनदयाल सभागार में अवैध पार्किंग पर जेडीए ने ठोका जुर्माना
झांसी। दीनदयाल सभागार में की जा रही अवैध पार्किंग पर जेडीए ने स्टैंड चलाने वालों पर जुर्माना ठोका है। जेडीए सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा ने दीनदयाल सभागार और मुक्ताकाशी मंच पर चल रही अवैध पार्किंग को लेकर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं। जुर्माना जमा न करने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।