कहीं कपड़े की अस्थायी दुकानें तो कहीं ठेले वाले बन रहे पैदल चलने में बाधक
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पैदल चलने वालों के लिए भले ही प्रशासन ने मुख्य मार्गों पर फुटपाथ बना दिए लेकिन नगर निगम प्रशासन की शह पर ही इन पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इन पर जगह न होने के कारण पैदल यात्री मुख्य मार्ग पर चलने को मजबूर हैं। यह स्थिति लंबे समय से चली आ रही है। चाहे आईटीआई के पास का मामला हो या फिर सीपरी इलाके का, हर जगह दुकानदारों की मनमानी दिखती है। सड़कों पर यातायात का दबाव है। बड़ी संख्या में वाहन निकलते हैं। पैदल चलने वालों के लिए नगर निगम प्रशासन ने फुटपाथ बना रखे हैं। लेकिन अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को चलने के लिए जगह ही नहीं बचती। कहीं कपड़े वाले दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है तो कहीं ठेले लगे हैं।
केस -1 बीकेडी चौराहा से लेकर आईटीआई तक बाएं तरफ आयुर्वेदिक कॉलेज के पास फुटपाथ पर 25 से अधिक लोगों ने गर्म कपड़ों के स्टॉल लगा रखे हैं। अगर कोई चाहे भी तो इस पर पैदल नहीं निकल सकता। करीब सौ फीट लंबाई में फुटपाथ घिरे हुए हैं।
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केस -2
सीपरी बाजार में फ्लाईओवर के नीचे चमनगंज इलाके में भी फुटपाथ पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। पूछने पर बताया गया कि नगर निगम वाले आते हैं और मामूली कार्रवाई कर चले जाते हैं, फिर हम वापस पहुंच जाते हैं।
केस- 3
कचहरी चौराहे से लेकर बस स्टैंड की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर नगर निगम प्रशासन ने ही अपना सार्वजनिक शौचालय बना रखा है। फुटपाथ का रास्ता शुरुआत में ही बंद है। पैदल यात्री परेशान होते हैं।
केस -4
जेल चौराहा और इलाइट के बीच में प्रशासन ने फुटपाथ पर सुंदर पेवर ब्लॉक लगा रखे हैं लेकिन यहां पुलिस लाइन की चहारदीवारी बाधक है। पैदल निकलना मुश्किल है।
नगर निगम से कटवा रखी है पर्ची
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के पास ऊनी कपड़ों का स्टॉल लगाने वाले उमेश साहू का कहना है कि उन्होंने नगर निगम से पर्ची कटवा रखी है। पर्ची पर विवरण में अतिक्रमण लिखा है। निगम कर्मचारी पर्ची काटकर पल्ला झाड़ लेते हैं। फिर महीनेभर इस ओर देखते नहीं। सीपरी के चमनगंज के अतिक्रमणकारियों का कहना है कि निगम कर्मचारी देखकर चले जाते हैं।
शहर में अस्थायी दुकान व स्टॉल लगाने वालों के लिए अभी हॉकर्स जोन नहीं है लेकिन जल्द ही इसकी व्यवस्था की जाएगी। इससे फुटपाथ पर अतिक्रमण पर भी रोक लग सकेगी।
राहुल यादव, अपर नगर आयुक्त