झांसी। शारदीय नवरात्र में चिह्नित व खाली स्थानों पर ही प्रतिमाओं को रखा जा सकेगा। मूर्तियों का आकार छोटा रखना होगा। आयोजन स्थल पर क्षमता से आधे लोग की मौजूद रह सकेंगे। प्रवेश और निकास द्वार अलग बनाना होगा। आयोजन स्थलों पर कोविड- 19 लक्षण वाले लोगों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। सोमवार को दीनदयाल सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में जिला प्रशासन व पुलिस अफसरों ने आगामी त्योहारों को लेकर शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों से अवगत कराया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। हमें खुद का और परिवार का ध्यान रखकर आगामी त्योहारों को मनाना है। जिस लॉकडाउन के दौरान महानगर और जिले की सामाजिक, व्यापार मंडल व अन्य संस्थाओं ने सहयोग किया। वही सहयोग आगामी त्योहारों के लिए चाहिए है। त्योहार के दौरान कोई भी समस्या आए उनसे सीधा संपर्क किया जा सकता है। समस्या का तुरंत निस्तारण होगा।
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि यूपी के 75 जिलों में झांसी सबसे शांतिप्रिय है। नवरात्र में प्रशासन की अनुमति लेने पर ही चिह्नित स्थान पर प्रतिमा को रखा जा सकेगा। आयोजन समिति को लिखकर देना होगा कि वह सभी शर्तों का पालन कराएंगे। वैसे यहां के 99 फीसदी लोग अच्छे हैं। जो एक प्रतिशत गडबड़ करने वाले हैं उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। प्रतिमाओं को छोटे वाहन पर ही विसर्जन के लिए ले जाया जाएगा। नदी में विसर्जन नहीं होग। रूट भी प्रशासन तय करेगा।
इस मौके पर एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण राहुल मिठास, नगर मजिस्ट्रेट सलिल चौधरी, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय पटवारी, झांसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष साहू, अतुल किलपन, शियाशरण चतुर्वेदी, चौधरी असलम शेर समेत विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन व्यापारी नेता मुकेश अग्रवाल ने किया।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
- आयोजन स्थन पर हैंड वॉश, सैनिटाइजेशन व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
- सामाजिक दूरी का पालन और मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
- मूर्तियों की स्थापना खाली स्थान व उनका आकार छोटा रखना होगा।
- सड़क पर कोई मूर्ति या ताजिया नहीं रखा जाएगा।
- आयोजन स्थल पर कोविड लक्षण वालों को जाने से रोका जाएगा।
- प्रवेश और निकास द्वार अलग- अलग रखने होंगे।
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गंभीर बीमार, गर्भवती महिलाओं व दस साल से छोटे बच्चों को कार्यक्रम स्थल पर भेजने से परहेज किया जाए।