अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आम बजट में आयकर स्लैब में बदलाव कर सरकार ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देने की कोशिश की है। खासतौर पर नौकरीपेशा लोग सरकार के इस कदम से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि साल के 12 महीने में से दो महीने का वेतन आयकर में चला जाता था लेकिन सरकार की इस घोषणा से कर्मचारी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
उनका कहना है कि कर्मचारी वर्ग पर जब पैसा बचेगा तो उनकी खरीदारी की क्षमता भी बढ़ेगी। इससे बाजार भी रफ्तार पकड़ेगा। बता दें कि झांसी में नौकरीपेशा लोगों को बड़ा अमला है। केवल रेलवे में ही लगभग 18 हजार कर्मचारी हैं। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के अन्य महकमों के यहां करीब एक लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी बजट से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने आयकर स्लैब में परिवर्तन कर बजट में साहसिक कदम उठाया है। इससे कर्मचारी वर्ग का पैसा बचेगा। हालांकि, ऐसी उदारता सरकार को रोजगार के मामले में भी दिखानी चाहिए थी। - अमर सिंह, मंडल सचिव - एनसीआरएमयू
सरकार द्वारा पेश किए गए पिछले बजट के मुकाबले यह बजट बेहतर है। स्लैब में परिवर्तन से कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, रेल कर्मियों को अलग से कुछ नहीं दिया गया। - भानु प्रताप सिंह चंदेल, सहायक महासचिव - एनसीआरईएस
सालाना 12 लाख तक की आय को टैक्स फ्री करना सरकार का बड़ा कदम है। इससे कर्मचारियों का पैसा बचेगा, जिससे खरीदारी बढ़ेगी और बाजार को गति मिलेगी। - अनिल कुमार शर्मा, लोको पायलट
रेलवे में कर्मचारियों की भारी कमी है, इसे दूर करने का प्रावधान भी किया जाना था। हालांकि, टैक्स स्लैब में बदलाव से सरकार ने कर्मचारी वर्ग को बड़ी राहत दी है। बजट अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है। - जिंसी मैथ्यू, सीनियर नर्सिंग अधीक्षक
सरकार ने उम्मीद से कहीं बेहतर बजट पेश किया है। दो साल बाद सरकार ने आयकर स्लैब में बदलाव कर कर्मचारी वर्ग को बड़ी राहत देने का काम किया है। - आरती तमोरी, उप मुख्य टिकिट निरीक्षक
वित्तमंत्री ने कर्मचारी और मध्यम वर्ग को राहत देने वाला बजट पेश किया है। इस वर्ग के लोग अब अपने सपने पूरे कर सकेंगे। सरकार ने टैक्स स्लैब बढ़ाने की बढ़ी सौगात दी है। - रसकेंद्र गौतम, शिक्षक