बताया जाता है कि कस्बा पूंछ के बाबई रोड पर रहने वाले रवींद्र वर्मा की पत्नी पूजा वर्मा ने 2024 में कस्बा मोंठ के बमरौली में खुली एक प्राइवेट बैंक से 40 हजार रुपए लोन लिया था। जिसमें करीब 2,120 रुपये के हिसाब से 24 क़िस्त में लोन जमा करना था। पूजा का कहना है कि उसने 11 क़िस्त जमा कर दी थीं। बैंक वाले गांव में एक अपना प्रतिनिधि छोड़े हुए हैं, उसी प्रतिनिधि के पास वह प्रत्येक माह की किस्त जमा करती थी, विगत सोमवार को बैंक का एक व्यक्ति उसके घर आया और उसने बताया कि उसकी काफी किस्त बकाया है। बैंक में पैसा जमा नहीं हो रहा है, जब उसने बताया कि वह पूरा पैसा गांव में मौजूद उसके प्रतिनिधि को देती है, जिस पर बैंक कर्मचारी नाराज हो गया और उसने कहा की मोंठ बैंक में चलो वहां बैठकर अपना पूरा हिसाब कर लो। पूजा का कहना है कि बैंक कर्मचारी उसे साथ में बैंक चलने के लिए दबाव बनाने लगा। मजबूरी में वह अपने पति रवींद्र वर्मा, नंद और बहनोई के साथ बैंक कर्मी के साथ बैंक पहुंची,जहां पर उसने बैंक मैनेजर से अपना हिसाब निकलवाया।
हिसाब में बैंक मैनेजर ने बताया कि उसके खाते में सात किस्तें बकाया हैं। पूजा ने बताया कि वह गांव के एक व्यक्ति को प्रत्येक माह किस्त जमा करती है उस व्यक्ति को भी बुलाया गया जिसने कहा कि उसके पास पांच किस्तों का पैसा है, दो किस्तों का पैसा नहीं है। इसी बात पर गरमा-गर्मी होने लगी और बैंक मैनेजर ने नाराज होकर महिला के पति से कहा कि पैसे का इंतजाम करो तभी महिला को ले जाना। परेशान पति मोंठ में कई जगह पैसे मांगने गया लेकिन किसी ने पैसे नहीं दिए।परेशान होकर उसने डायल 112 पुलिस को फोन कर दिया और बताया कि उसकी पत्नी को बैंक ने बंधक बना लिया।
बैंक वाले उसकी पत्नी को जाने नहीं दे रहे हैं शिकायत पर 112 पुलिस मौके पर पहुँची औरर जांच पड़ताल की। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। थाने में दोनों पक्षों ने अपने-अपने बात रखी और फिर आपसी राजीनामा हुआ कि पूजा को शेष धनराशि की किस्त जमा करने के लिए तीन माह का समय दिया गया। दोनों पक्षों में राजीनामा के बाद दूसरे दिन कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने गांव पहुंचकर मामले को गर्मा दिया। कांग्रेसी नेता को पूजा वर्मा ने बताया कि राजीनामा उससे जबरन लिखाया गया है। मजबूरी में उसने राजीनामा लिख दिया था। उसे बहुत तंग किया गया है। बैंक वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मामला मीडिया में आने के बाद बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कस्बा पूंछ स्थित महिला के घर पहुंच कर घटना की जानकारी ली और आर्थिक सहायता प्रदान की। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्राइवेट बैंक लोगों को लोन बांट रही हैं। गरीब महिलाओं को लोन से संबंधित ज्यादा जानकारी न होने की वजह से उनका शोषण किया जाता है। बैंक एजेंट गुंडई करते हैं। सरकार को गुंडई करने वाले बैंकों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा ऑनलाइन सट्टा खेला जा रहा है। ऑनलाइन लोन दिए जा रहे हैं, जो लोग लोन के चक्कर फंस जाते हैं उन्हें मजबूरन आत्महत्या करनी पड़ती है। बुंदेलखंड में समूह के नाम पर प्राइवेट बैंकों ने लोन का जाल फैला रखा है और गरीब, अनपढ़ मजबूर लोगों को फंसा कर उनका शोषण कर रहे हैं। बैंक कर्मचारियों द्वारा जो अमानवीय व्यवहार इस परिवार के साथ किया गया वह बहुत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेगी। सरकार को ऐसी घटनाओं पर ध्यान देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व मंत्री के साथ कांग्रेस के झांसी जिला अध्यक्ष देशराज रिछारिया, पूर्व जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह पारीछा, मनीष अहिरवार ,शाहरुख खान, हेमंत महाजन, अजय पाल, अभय यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
तहसीलदार ने बैंक जाकर जांच पड़ताल की
मोंठ तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार ने भी बैंक में जाकर मामले की जांच पड़ताल की। बैंक मैनेजर से बैंक की प्रणाली के बारे में जानकारी ली। महिला को दिए गए लोन और रिकवरी के बारे में भी पूछताछ की। तहसीलदार ने कहा कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही बैंक का संचालन हो और आम जनता को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो। तहसीलदार ने आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंक मैनेजर से काफी देर तक गहन पूछताछ की।
बैंक मैनेजर अनुज कुमार का कहना है कि महिला को बंधक नहीं बनाया गया था। महिला के साथ उसकी ननद और पति भी था। महिला के पति से बकाया पैसे जमा करने के लिए बोला गया था। पति बाहर पैसों का इंतजाम करने के लिए कहकर गया था और पत्नी तथा बहन तथा बहनोई को बैंक परिसर में ही छोड़ गया था।
बैंक में तथा बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में सब कुछ देखा जा सकता है। कोतवाल अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि महिला और बैंक प्रतिनिधियों ने थाने में लिखित रूप से आपसी राजी नामा प्रस्तुत किया था। दोनों पक्षों की सहमति से मामला शांतिपूर्वक निस्तारित हो गया था। किसी के तरफ से कोई विवाद शेष नहीं था, इसलिए मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।