झांसी। भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर इंजीनियर्स एसोसिएशन (जेईए) ने अभियंता दिवस-2026 का आयोजन किया। यह समारोह बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीआईईटी) में मंगलवार को हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के अभियंताओं ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार सचान ने कहा इंजीनियरिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी है। उन्होंने अभियंताओं को समस्या का व्यावहारिक, सुरक्षित और टिकाऊ समाधान खोजने वाला बताया। सचान ने युवा अभियंताओं से नौकरी तक सीमित न रहकर वास्तविक समस्याओं को हल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा मैं अपनी इंजीनियरिंग से कौन-सी वास्तविक समस्या हल कर सकता हूं? उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसरों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने मानव जीवन को बेहतर बनाने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने को इंजीनियरिंग का उद्देश्य बताया। उन्होंने युवाओं को असफलताओं से सीखकर नवप्रवर्तक और उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। संवाद