- 20 अगस्त से पहले पूरा होगा काम, करंट से बचाव के लिए विद्युत सुरक्षा विभाग के निर्देश
झांसी। ओरछा धाम से सिद्धेश्वर मंदिर तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बिजली विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। विद्युत सुरक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर लगे सभी बिजली के खंभों को जमीन से तीन मीटर ऊंचाई तक रबर या प्लास्टिक की परत चढ़ाकर इंसुलेटेड किया जाए, ताकि कांवड़ यात्रियों को करंट लगने का खतरा न रहे। यात्रा मार्ग पर विद्युत सुरक्षा से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य भी 20 अगस्त से पहले पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल के दिनों में प्रदेश में कांवड़ यात्रियों के करंट की चपेट में आने की घटनाओं को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक चंद्र भूषण चौबे ने 33 केवी और 11 केवी लाइनों से जुड़े अधिशासी अभियंताओं को पत्र जारी कर यात्रा मार्ग को पूरी तरह विद्युत दृष्टि से सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं।
20 अगस्त को ओरछा धाम से करीब 20 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू होगी। कांवड़िये बेतवा नदी से जल लेकर सिद्धेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
ढीले तार बदले जाएंगे, झुके खंभे होंगे दुरुस्त
निर्देशों के अनुसार यात्रा मार्ग पर ओवरहेड लाइनों के जर्जर तार और ढीले जंपर बदले जाएंगे। टेढ़े या असुरक्षित बिजली के खंभों को दुरुस्त किया जाएगा या आवश्यकता पड़ने पर बदला जाएगा। मार्ग में आने वाले सभी ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग या फेंसिंग कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके अलावा खंभों पर लगे इंसुलेटरों की अर्थिंग की जांच तथा सभी लाइनों की गार्डिंग भी कराई जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना न हो, इसके लिए अधिशासी अभियंताओं को सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - चंद्र भूषण चौबे, सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा
यात्रियों के लिए सावधानी ,,.
- ऊंची कांवड़ लेकर बिजली के तारों के नीचे न चलें।
- टूटे या झुके तार दिखने पर तुरंत सूचना दें।
- बारिश के दौरान बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों से दूरी बनाए रखें।
- किसी भी विद्युत खराबी की सूचना तुरंत बिजली विभाग के कंट्रोल रूम को दें।