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बिजली विभाग की ‘शर्त’ बकायेदारों पर भारी

Sun, 20 Mar 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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Electricity, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। बड़ागांव क्षेत्र के ग्राम दिगारा निवासी रामलखन कुशवाहा पर पचास हजार रुपये का विद्युत बकाया चल रहा है। पांच बीघा जमीन के इस काश्तकार के लिए घर का खर्च चलाना भी मुसीबत भरा रहता है। तीन माह पूर्व बकाये के कारण उसके घर का संयोजन काट दिया गया था। लोगों ने सलाह दी कि फरवरी में एकमुश्त समाधान योजना आने पर ब्याज माफ हो जाएगा और बाकी राशि चार किस्तों में जमा कर देना। इससे उसके घर का संयोजन दोबारा जुड़ जाएगा। मगर, इस बार विद्युत विभाग द्वारा शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना पर लागू ब्याज माफी के बाद एकमुश्त धनराशि जमा करने की शर्त ने उसकी उम्मीद पर पानी फेर दिया है। यह हाल अकेले रामलखन का नहीं, बल्कि जनपद के हजारों बकायेदारों का है।
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विद्युत विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू व ट्यूबवेल संचालकों के विद्युत बिल जमा करने के लिए पंद्रह फरवरी से एकमुश्त समाधान योजना शुरू की गई थी। मगर, विभाग के तमाम

प्रयासों के बाद भी कस्बों व देहातों में रहने वाले लोगों ने अभी तक एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं दिखाई। पूरा ब्याज माफ होने के बाद भी 24 हजार से अधिक बकायेदारों में सिर्फ 1950 उपभोक्ताओं ने ही एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। दरअसल, इस बार विद्युत विभाग ने ब्याज माफी के बाद बकाया राशि को एक मुश्त जमा करने की शर्त रखी थी, जिसे पूरा करना करना सभी के लिए संभव नहीं दिया। जबकि यह पहले चार किस्तों में बकाया राशि जमा करने की शर्त थी। मालूम हो कि, ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत बकायेदारों पर पचास करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) दिनेश यादवेंदु ने बताया कि योजना को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। अंतिम तिथि तक योजना में एक हजार रुपये देकर पंजीयन कराने वाले उपभोक्ता संशोधित बिल अप्रैल में जमा कर सकते हैं।

18 दिन में काटे 2124 विद्युत संयोजन
विद्युत विभाग बकायेदारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एक मार्च से चल रहे अभियान में अब तक 2124 बकायेदारों के संयोजन काटे जा चुके हैं।
विद्युत विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंतिम माह में राजस्व जुटाना चुनौती बना हुआ है। महानगर के नब्बे हजार उपभोक्ताओं में 22600 उपभोक्ताओं पर एक अरब आठ करोड़ सत्तासी लाख का बकाया चल रहा है।

यही कारण है कि विभाग ने बकायेदारों से धनराशि हासिल करने के लिए उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक मार्च से चल रहे अभियान में अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले 2124 बकायेदारों के संयोजन काट दिए गए। हालांकि, बाद में 976 उपभोक्ताओं द्वारा एक करोड़ 91 लाख बकाया जमा करने पर उनके संयोजन जोड़ दिए गए। बाकी उपभोक्ताओं के घरों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (नगर) राकेश गुप्ता ने बताया कि बकायेदारों के संयोजन काटने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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