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भूतपूर्व सैनिक समाज का बुनियादी अंग

Sun, 20 Mar 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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army raily, jhansi news - फोटो : amar ujala
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झांसी। व्हाइट टाइगर डिवीजन द्वारा शनिवार को ललितपुर रोड स्थित हाथी ग्राउंड पर भूतपूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें भूतपूर्व सैनिकों की आर्मी से जुड़ी समस्याओं को एक मंच पर दूर किया गया।
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मुख्य अतिथि जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल एएस भिंडर ने कहा कि भूतपूर्व सैनिक और वीर नारियां हमारे समाज का एक बुनियादी अंग हैं, जो देश सेवा में संलग्न रहते हुए जीवन का एक प्रमुख हिस्सा व्यतीत कर देेते हैं, जिसके लिए पूरा देश उनका आभारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ एक अर्थपूर्ण संचार बनाए रखने रखने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे व उनके कल्याण व अधिकारों से संबंधित समस्याओं का निराकरण की पुरजोर कोशिश की जाएगी। उन्होंने चार वीर नारियों, तेरह द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर्स और 18 अन्य लोगों को सम्मानित किया। रैली को सार्थक बनाने के लिए कई स्टॉल लगाए गए।

इनमें रिकॉर्ड ऑफिस, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट, आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस आगरा, आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट नोड व डायरेक्टर जनरल पुनर्वास लखनऊ के स्टॉल शामिल थे। मेले में लगे सेना के मेडिकल व डेंटल कैंप में कैंसर स्क्रीनिंग, ग्लूकोमा और कैटरेक्ट डिटेक्शन, ओरल कैंसर डिटेक्शन इत्यादि की सुविधा प्रदान की गई। अन्य अतिथियों में डीआरएम एसके अग्रवाल, डीआईजी शरद सचान, एसएसपी सभाराज, सीसीएफ सीबी नाथ आदि शामिल थे।
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मालूम हो कि, रैली का मुख्य उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहां वह आर्मी से जुड़े रहकर अपनी समस्याओं का निवारण कर सकें।

पूर्व सैनिकों के हितों की हो रक्षा
झांसी। राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा की मांग की गई है।
रैली के दौरान पूर्व सैनिक राकेश कुमार अग्निहोत्री ने दिए ज्ञापन में बताया कि सैनिक सेवा में रहते हुए कुछ सैनिक मेडिकली या फिजीकली अनफिट होकर अल्प समय में डिस्चार्ज कर दिए जाते हैं, जिनका पारिवारिक बैक ग्राउंड ठीक होता है वह तो अपने परिवार का भरण पोषण कर लेते हैं, किंतु कुछ ऐसे भी होते हैं जिनका न तो पारिवारिक बैक ग्राउंड ही ठीक होता है और न ही उन्हें सिविल सेवा में डिस्एबिल्टी के कारण पुन: सर्विस मिल पाती है। ऐसे में उनके लिए जीवन यापन मुश्किलों भरा हो जाता है।

ऐसे सैनिकों को राज्य परिवहन निगम की बसों में चालीस प्रतिशत किराए की छूट, बीटीसी प्रशिक्षण में वर्णित व्यवस्था के तहत तीन प्रतिशत आश्रित कोटे का लाभ, सीपीएमटी, बीएड व एमएड में आरक्षण एक प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत करने आदि की मांग की गई।
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