Electric car will be start in jhansi
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को समेटे झांसी की सैर इलेक्ट्रिक कार से कराई जाएगी। पर्यटकों को किला समेत महानगर के पांच प्रमुख गेटों की यात्रा कराने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत कवायद की जा रही है। इसके लिए ढाई करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत आवेदन मांगे गए हैं।
झांसी में हर साल करीब चार लाख पर्यटक आते हैं। अमूमन पर्यटक किला और संग्रहालय को देखकर लौट जाते हैं। जबकि झांसी में तमाम ऐतिहासिक धरोहरें हैं। पर्यटकों को झांसी के इतिहास से रूबरू कराने के लिए भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। झांसी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किले के पास इलेक्ट्रिक कारें चलाई जाएंगीं। जो पर्यटकों को किला समेत महानगर के प्रमुख स्थलों की सैर कराएंगीं। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत ढाई करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया है। साथ ही, किले के आसपास ही गाड़ियों की चार्जिंग और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। ताकि पर्यटकों को पूरी जानकारी मिल सके। जीपीएस से लैस गाड़ियों की पूरी मॉनीटरिंग कमांड कंट्रोल सेंटर में की जाएगी। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि पर्यटकों को महानगर में घुमाने के लिए पांच इलेक्ट्रिक कार चलाई जाएंगीं। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं।
यह रहेगा रूट
इलेक्ट्रिक कार से पर्यटकों की यात्रा संग्रहालय से शुरू होगी। इसके बाद महानगर के प्रमुख पांच गेटों की सैर कराई जाएगी। फिर रानी महल, किला होते हुए पार्क घुमाए जाएंगे। वाहन में आईपीएस टच स्क्रीन मल्टीमीडिया मॉनीटर होगा। जिसमें पर्यटकों को झांसी के इतिहास और प्रमुख स्थलों की महत्ता के बारे में जानकारी दी जाएगी। अधिकारी बताते हैं कि रूट में परिवर्तन भी किया जा सकता है।
तलाशी जा रही जगह
महानगर में इलेक्ट्रिक कारों के संचालन और चार्जिंग स्टेशन बनाने का जिम्मा कंपनी पर रहेगा। इसके लिए महानगर में 10 स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। जहां चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 25 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाने की तैयारी है।
प्रदूषण भी होगा कम
केंद्र सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन पर जोर दे रही है। इससे किले के आसपास का वातावरण भी ठीक रहेगा। कार में पर्यटकों को दिक्कत होने पर हेल्पलाइन भी होगी। जो कमांड सेंटर से जुड़ी होगी।